भारत में त्योहारी सीजन के दौरान सोना खरीदना एक आम परंपरा है। खासकर धनतेरस, दिवाली और शादियों जैसे आयोजनों के दौरान गोल्ड खरीदना शुभ माना जाता है। त्योहारी सीजन के दौरान लोग गोल्ड खरीदते हैं। ये एक ऐसा समय होता है जब ज्वैलर्स गोल्ड खरीदारी पर कई ऑफर्स देते हैं। सोने को एक सुरक्षित और मूल्यवान निवेश के रूप में भी देखा जाता है। इसमें पैसे की अनिश्चितता को ध्यान में रखकर निवेश किया जाता है। त्योहारी सीजन के दौरान सोना खरीदना भविष्य के लिए सेविंग करने और भावी पीढ़ियों के लिए पैसा ट्रांसफर करने का एक और तरीका माना जाता है। भारत में इस त्योहारी सीजन में सोना खरीदने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सोने को कैरेट में मापा जाता है, 24 कैरेट शुद्ध सोना होता है। आप ये तय करें कि जो सोना आप खरीद रहे हैं उसकी शुद्धता कितने कैरेट की है। शुद्धता में 24, 22, और 18 कैरेट गोल्ड शामिल हैं।
सोने के गहनों की हॉलमार्किंग की जांच करें। भारत में सोना आमतौर पर 22 या 24 कैरेट में बेचा जाता है। ये 24 कैरेट सोने का सबसे शुद्ध रूप है। आज ज्वैलर से गोल्ड खरीदते समय इसकी हॉलमार्किंग जरूर चेक करें।
ज्वैलर जो कीमत बता रहा है वह कीमत बाजार कीमत है। उसका रेट जरूर चेक कर लें।
ज्वैलरी के मेकिंग चार्ज को जरूर चेक करें। दूसरे ज्वैलर क्या मेकिंग चार्ज ले रहे हैं। इस पर भी नजर रखें। मेकिंग चार्ज को लेकर ज्वैलर से बारगेन करें
जब भी आप सोना खरीदने हैं तो दुकानदार से इसका बिल जरूर लें। कच्चा बिल न ले क्योंकि फिर आपके गोल्ड के असली होने की कोई गारंटी कोई नहीं देता।
पेमेंट के समय ध्यान रखें कि कैश के बजाय आनलाइन या फिर क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करें। ऐसा करके आप दुकानदारों के धोखे से बच सकते हैं क्योंकि तब उसने जो गोल्ड बेचा वो उसके रिकॉर्ड में भी दर्ज होता है। आपके पास बिल के अलावा एक और रिकॉर्ड हो जाता है।