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Capital Gain को ITR में फाइल करते समय रखें इन बातों का ध्यान, वरना मिल जाएगा इनकम टैक्स का नोटिस

Income Tax on Capital Gain: इनकम टैक्स कैलकुलेट करना शुरू से मुश्किल काम रहा है क्योंकि आपको इसमें अपनी सैलरी, किराये से इनकम, एफडी से मिले ब्याज पर इनकम और कैपिटल गेन को भी जोड़ना होता है। उसके बाद आपकी कुल आय पर इनकम टैक्स कैलकुलेट किया जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 13, 2023 पर 6:21 PM
Capital Gain को ITR में फाइल करते समय रखें इन बातों का ध्यान, वरना मिल जाएगा इनकम टैक्स का नोटिस
कैपिटल गेन को सही केटेगरी में बांटना जरूरी है।

Income Tax on Capital Gain: इनकम टैक्स कैलकुलेट करना शुरू से मुश्किल काम रहा है क्योंकि आपको इसमें अपनी सैलरी, किराये से इनकम, एफडी से मिले ब्याज पर इनकम और कैपिटल गेन को भी जोड़ना होता है। उसके बाद आपकी कुल आय पर इनकम टैक्स कैलकुलेट किया जाता है। ये सभी आपको अपने ITR में बताना होता है। अपनी आईटीआईर में कैपिटल गेन को सही तरीके से बताना जरूरी होता है, नहीं तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको नोटिस भेज सकता है।

पहले समझना होगा कि कैपिटल गेन में क्या क्या आता है

कैपिटल गेन को सही केटेगरी में बांटना जरूरी है। इसके लिए ट्रेडिंग गेन और निवेश से होने वाले फायदे को जानना और समझना जरूरी है। इसमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को समझना होगा। कई बार लोग लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन को मिला देतै हैं जिसके कारण कई बार लोगों को इनकम टैक्स का नोटिस आ जाता है।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में यहां मिलती है छूट

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