Income Tax on Capital Gain: इनकम टैक्स कैलकुलेट करना शुरू से मुश्किल काम रहा है क्योंकि आपको इसमें अपनी सैलरी, किराये से इनकम, एफडी से मिले ब्याज पर इनकम और कैपिटल गेन को भी जोड़ना होता है। उसके बाद आपकी कुल आय पर इनकम टैक्स कैलकुलेट किया जाता है। ये सभी आपको अपने ITR में बताना होता है। अपनी आईटीआईर में कैपिटल गेन को सही तरीके से बताना जरूरी होता है, नहीं तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको नोटिस भेज सकता है।
