CGHS New Rules: सरकार ने CGHS कार्डहोल्डर्स के लिए नए नियम बनाए हैं। अब कोई भी प्राइवेट अस्पताल सीजीएचएस कार्डहोल्डर और सदस्यों का इलाज करने से मना नहीं कर सकते। उन्हें निम्न केटेगरी का हॉस्पिटल बेड नहीं दे सकते। साथ ही सरकार के दिये रेट कार्ड से ऊपर चार्ज नहीं कर सकते। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के लाभार्थियों से ओवरचार्जिंग और सर्विस देने से इनकार करने की शिकायतों के समाधान के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। इन निर्देशों का मकसद CGHS लाभार्थियों को सही, किफायती और पारदर्शी हेल्थ सर्विस देना है।
सरकार ने CGHS लाभार्थियों कि लिए बदले नियम
CGHS-इम्पैनल्ड अस्पताल किसी भी योग्य लाभार्थी को उपचार देने से इनकार नहीं कर सकते। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सभी सर्विस बिना किसी भेदभाव के दी जाएंगे।
2. कॉस्ट और सर्विस में पारदर्शिता
अस्पतालों को प्रमुख जगहों पर इलाज से जुड़ी जानकारी देना जरूरी होगा। इसमें CGHS की बताई दरें। वार्ड और ICU में उपलब्ध बेड की स्थिति। लाभार्थियों के लिए तय वार्ड केटेगरी की जानकारी देना जरूरी होगा। अस्पताल निम्न केटेगरी नहीं दे सकेंगे। ऐसा करना अस्पतालों के लिए प्रतिबंधित होगा। अस्पताल के इम्पैनलमेंट शहर, क्रेडिट पात्रता और नोडल अधिकारी को कॉन्टेक्ट की जानकारी देना जरूरी होगा।
3. रिपोर्टिंग की अनिवार्यता
अस्पतालों को इमरजेंसी मामलों, गैर-रेफरल केस और 24 घंटे के अंदर 70 साल से अधिक उम्र के लाभार्थियों की डायरेक्ट विजिट और एडमिशन की जानकारी CGHS के संबंधित एडिशनल डायरेक्टर को ईमेल के माध्यम से देनी होगी। बिना रिपोर्ट किए गए मामलों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
4. गंभीर मामलों में जवाबदेही
मरीज की मृत्यु या कोमा जैसी स्थिति में अस्पताल को अंतिम बिल पर लाभार्थी के परिचारकों के हस्ताक्षर और कॉन्टेक्ट की जानकारी देना अनिवार्य होगा।
5. प्रिस्क्रिप्शन के नियम
प्रिस्क्रिप्शन में केवल जेनेरिक नामों का इस्तेमाल करना होगा और उन्हें बड़े अक्षरों में लिखा जाएगा। अस्पताल किसी खास ब्रांड को खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।
6. महंगे इलाज के लिए पहले लेनी होगी इजाजत
महंगे उपचारों के लिए अस्पतालों को पहले से इजाजत लेनी होगी। ताकि, अनावश्यक या अधिक चार्ज से बचा जा सके।
7. नियम नहीं मानने पर लगेगा दंड
गाइडलाइन्स का पालन न करने वाले अस्पतालों पर दंड लगाया जा सकता है, जिसमें CGHS नेटवर्क से हटाना भी शामिल है। यह नई गाइडलाइन्स CGHS लाभार्थियों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें सस्ती और ट्रांसपेरेंट इलाज की सर्विस दिलाने में मदद करेंगी।