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CGHS ने ECHS लाभार्थियों के लिए जारी की शहरों की केटेगरी, ये शहर दिल्ली-गोवा के बराबर माने जाएंगे

दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम या मोहाली जैसे शहरों के पास रहने वाले कई पूर्व सैनिक और उनके परिवार इलाज के वक्त अक्सर एक ही सवाल से परेशान रहते थे, कि उन्हें इलाज की दरें दिल्ली जैसी मिलेंगी या छोटे शहर जैसी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 06, 2026 पर 9:03 PM
CGHS ने ECHS लाभार्थियों के लिए जारी की शहरों की केटेगरी, ये शहर दिल्ली-गोवा के बराबर माने जाएंगे
सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) ने साफ कर दिया है कि किन सैटेलाइट शहरों को बड़े शहरों के बराबर माना जाएगा।

दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम या मोहाली जैसे शहरों के पास रहने वाले कई पूर्व सैनिक और उनके परिवार इलाज के वक्त अक्सर एक ही सवाल से परेशान रहते थे, कि उन्हें इलाज की दरें दिल्ली जैसी मिलेंगी या छोटे शहर जैसी? अस्पताल और मरीज के बीच इसी उलझन को लेकर बहस होती थी, और कई बार जेब से ज्यादा पैसा भी देना पड़ता था। अब यह असमंजस खत्म होने जा रहा है। सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) ने साफ कर दिया है कि किन सैटेलाइट शहरों को बड़े शहरों के बराबर माना जाएगा।

पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सेंट्रल गवर्मेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) ने ECHS एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम के लाभार्थियों के लिए शहरों की केटेगरी को क्लैरिफाई कर दिया है। अब कुछ शहरों और उनसे सटे इलाकों को इलाज शुल्क के मामले में दिल्ली, जालंधर कैंट, गोवा और पोर्ट ब्लेयर के बराबर माना जाएगा।

CGHS का  5 दिसंबर 2025 को जारी Ministry of Defence के आदेश के बाद आया है। इसका मकसद यह स्पष्ट करना है कि ECHS लाभार्थियों को CGHS से सूचीबद्ध (empanelled) अस्पतालों में इलाज के लिए कौन-सी दरें लागू होंगी, खासकर उन मामलों में जहां लाभार्थी बड़े शहरों से सटे सैटेलाइट टाउन में रहते हैं।

CGHS दरें कैसे तय होती हैं?

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