देशभर में छठ पूजा का पर्व बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। ये त्योहार सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है और चार दिन तक चलता है। आज छठ का दूसरा दिन है और कई राज्यों ने इस अवसर पर सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है, ताकि श्रद्धालु पूरी भक्ति और तैयारी के साथ पूजा-अर्चना कर सकें। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 अक्टूबर को सरकारी अवकाश की घोषणा की है, क्योंकि चार दिवसीय पर्व का तीसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु जलाशयों और नदी किनारों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं।
पूरे परिवार और समुदाय की सहभागिता से ये त्योहार और भी खास बन जाता है। बिहार और अन्य राज्यों में भी स्कूलों में अवकाश रखा गया है ताकि बच्चे और शिक्षक भी इस पर्व की तैयारी और उत्सव में शामिल हो सकें।
दिल्ली में अवकाश की घोषणा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 अक्टूबर को सरकारी अवकाश की घोषणा की। उन्होंने बताया कि चार दिवसीय पर्व का तीसरा दिन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। सीएमओ के बयान के अनुसार इस दिन श्रद्धालु जलाशयों के किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। तैयारियां सुबह से ही शुरू हो जाती हैं और परिवार मिलकर पूजा-अनुष्ठान संपन्न करते हैं।
बिहार में इस बार सभी स्कूल 29 अक्टूबर तक बंद रहेंगे, यानी 30 अक्टूबर से स्कूल खुलेंगे। ये कदम श्रद्धालुओं को पूजा में पूरी तरह शामिल होने का अवसर देता है।
उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी छठ पूजा धूमधाम से मनाई जाती है। हालांकि, वहां स्कूलों को बंद रखने के बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
छठ पूजा के चार दिवसीय महत्व
छठ पूजा 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक मनाई जाती है। प्रत्येक दिन का अलग महत्व है:
25 अक्टूबर – नहाय-खाय: शुद्धिकरण और पूजा की तैयारी का पहला दिन।
26 अक्टूबर – खरना: उपवास रखते हुए संध्या अर्घ्य का आयोजन।
27 अक्टूबर – संध्या अर्घ्य: डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना, पर्व का सबसे महत्वपूर्ण दिन।
28 अक्टूबर – उषा अर्घ्य: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पूजा का समापन।
इस चार दिन के पर्व में श्रद्धालु न केवल व्यक्तिगत रूप से बल्कि परिवार और समुदाय के साथ मिलकर सूर्य देव की पूजा और प्राकृतिक संतुलन का सम्मान करते हैं। इस पर्व का हर रस्म और अनुष्ठान लोगों में सामूहिक भाईचारा और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है।