CNG Price Hike: ₹4 से ₹6 महंगी हो सकती है सीएनजी, इस वजह से दाम बढ़ने का अंदेशा

फिलहाल खुदरा विक्रेताओं ने CNG की दरें नहीं बढ़ाई हैं क्योंकि वे समाधान के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहे हैं। अगर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की जाती है, तो खुदरा विक्रेताओं को बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डालना पड़ेगा। दिल्ली और मुंबई देश के सबसे बड़े CNG बाजारों में से हैं

अपडेटेड Oct 20, 2024 पर 1:51 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
घरों में रसोई के लिए सप्लाई की जाने वाली PNG प्रोटेक्टेड है।

सरकार ने शहरी खुदरा विक्रेताओं को सस्ती घरेलू प्राकृतिक गैस की सप्लाई में 20 प्रतिशत तक की कटौती की है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि ऐसे में अगर फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती नहीं होती है, तो CNG के दाम में 4 से 6 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो सकती है। भारत के अंदर अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक के स्थलों से जमीन के नीचे और समुद्र तल के नीचे से निकाली गई प्राकृतिक गैस ऐसा कच्चा माल है, जिसे गाड़ियों के लिए CNG और रसोई में इस्तेमाल होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) में बदला जाता है।

मामले की जानकारी रखने वाले चार सूत्रों का कहना है कि पुराने क्षेत्रों से प्राकृतिक गैस के उत्पादन की कीमतें सरकार रेगुलेट करती है। इसकी सप्लाई शहरी गैस खुदरा विक्रेताओं को की जाती है। इन क्षेत्रों से उत्पादन प्राकृतिक रूप से गिरावट के कारण सालाना 5 प्रतिशत तक घट रहा है। इस वजह से शहरी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को सप्लाई में कटौती की गई है।

इस वजह से महंगी होने वाली है CNG


पीटीआई के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि घरों में रसोई के लिए सप्लाई की जाने वाली पीएनजी प्रोटेक्टेड है। सरकार ने CNG के लिए कच्चे माल की सप्लाई में कटौती की है। पुराने क्षेत्रों से प्राप्त होने वाली गैस मई 2023 में CNG की 90 प्रतिशत मांग को पूरा करती थी और इसमें लगातार गिरावट आ रही है। बताया गया कि 16 अक्टूबर से सप्लाई में कटौती है और अब CNG की मांग का सिर्फ 50.75 प्रतिशत पूरा किया जा रहा है। शहरी गैस खुदरा विक्रेताओं को इस कमी की भरपाई के लिए इंपोर्टेड और महंगी लिक्विफाइड प्राकृतिक गैस (LNG) खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे CNG की कीमतों में 4-6 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी होगी।

पुराने क्षेत्रों से प्राप्त गैस की कीमत 6.50 अमेरिकी डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (mmBtu) है, जबकि इंपोर्टेड LNG की कीमत 11-12 डॉलर प्रति यूनिट है।

Gold Price Today: हफ्ते भर में ₹1750 महंगा हुआ सोना, करवाचौथ पर इतना चल रहा है भाव

रिटेलर्स ढूंढ रहे समाधान

सूत्रों का कहना है कि फिलहाल खुदरा विक्रेताओं ने CNG की दरें नहीं बढ़ाई हैं क्योंकि वे इसके समाधान के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहे हैं। एक विकल्प यह है कि सरकार CNG पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती करे। वर्तमान में, केंद्र सरकार CNG पर 14 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी वसूलती है, जो 14-15 रुपये प्रति किलोग्राम बैठती है।

अगर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की जाती है, तो खुदरा विक्रेताओं को बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डालना पड़ेगा। CNG की कीमतों में बढ़ोतरी एक राजनीतिक मुद्दा भी है क्योंकि महाराष्ट्र में अगले महीने चुनाव होने हैं और दिल्ली में भी जल्द चुनाव होने हैं। दिल्ली और मुंबई देश के सबसे बड़े CNG बाजारों में से हैं।

Business Idea: सड़क किनारे शुरू करें चलता-फिरता रेस्टोरेंट, फेस्टिव सीजन में रोजाना होगी मोटी कमाई

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।