CNG Price Hike: दिल्ली-NCR वालों को लगा तगड़ा झटका! 10 दिनों में तीसरी बार बढ़े CNG के दाम; चेक करें नए रेट

CNG Price Hike: सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रहे इस इजाफे का सीधा असर आम आदमी की जेब और देश की खुदरा महंगाई पर पड़ेगा। दिल्ली-एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन जैसे- ऑटो, कैब (Ola/Uber), बसें और माल ढुलाई करने वाले अधिकांश वाहन सीएनजी पर चलते हैं। सीएनजी महंगी होने से ट्रांसपोर्टर्स पर लागत का दबाव बढ़ेगा, जिसे वे अंततः यात्रियों से किराया बढ़ाकर वसूलेंगे। इससे दैनिक यात्रियों का बजट बिगड़ना तय है

अपडेटेड May 23, 2026 पर 8:34 AM
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पिछले 10 दिनों के भीतर सीएनजी के दामों में यह तीसरी बड़ी वृद्धि है

CNG Price Hike: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले और सीएनजी गाड़ियों का इस्तेमाल करने वाले आम लोगों की जेब पर महंगाई का एक और तगड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले 10 दिनों के भीतर सीएनजी के दामों में यह तीसरी बड़ी वृद्धि है।

इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमत अब 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। वहीं नोएडा और गाजियाबाद में उपभोक्ताओं को अब एक किलो सीएनजी के लिए 89.70 रुपये चुकाने होंगे। तेल कंपनियों ने इससे पहले 15 मई को सीएनजी के दाम 2 रुपये बढ़ाए थे, जिसके बाद 18 मई को फिर से 1 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

प्रमुख शहरों में CNG के नए रेट


आज सुबह से लागू हुई नई दरों के बाद दिल्ली-एनसीआर और आसपास के प्रमुख शहरों में सीएनजी की कीमतें इस प्रकार हैं:

शहर CNG का नया रेट (रुपये/किग्रा)
दिल्ली ₹81.09
नोएडा ₹89.70
गाजियाबाद ₹89.70
ग्रेटर नोएडा ₹89.70
गुरुग्राम ₹86.12
अजमेर ₹90.44

कीमतों में क्यों हो रही बढ़ोतरी?

15 मई के बाद से लगातार हो रही इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। दरअसल, मिडिल ईस्ट में चल रहे गंभीर संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा लागत आसमान छू रही है, जिसका बोझ अब सरकारी तेल कंपनियां धीरे-धीरे ग्राहकों पर डाल रही हैं।

दुनिया के एक-तिहाई तेल और गैस सप्लाई के रूट यानी 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के बंद होने के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते घरेलू स्तर पर पुरानी कीमतों को बनाए रखना तेल कंपनियों के लिए नामुमकिन हो गया था, जिसके चलते अब आम जनता को बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है।

आम जनता पर कैसे पड़ेगा इसका असर?

सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रहे इस इजाफे का सीधा असर आम आदमी की जेब और देश की खुदरा महंगाई पर पड़ेगा। दिल्ली-एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन जैसे ऑटो, कैब (Ola/Uber), बसें और माल ढुलाई करने वाले अधिकांश वाहन सीएनजी पर चलते हैं। सीएनजी महंगी होने से ट्रांसपोर्टर्स पर लागत का दबाव बढ़ेगा, जिसे वे अंततः यात्रियों से किराया बढ़ाकर वसूलेंगे। इससे दैनिक यात्रियों का बजट बिगड़ना तय है।

तेल कंपनियों का घाटा ₹1600 करोड़ पार

सीएनजी और फ्यूल की कीमतों में यह बढ़ोतरी देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को हो रहे भारी नुकसान के बाद की जा रही है।

ये कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगे दामों पर क्रूड ऑयल और गैस खरीद रही हैं, लेकिन घरेलू बाजार में उस अनुपात में दाम नहीं बढ़ा पा रही थीं, जिससे इन्हें हर दिन करीब 1600 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। हालांकि, सरकार ने देश में महंगाई को काबू में रखने के लिए कंपनियों को एकमुश्त बड़ी बढ़ोतरी करने से रोका है, यही वजह है कि कंपनियां टुकड़ों में (1-2 रुपये करके) दाम बढ़ा रही हैं।

पीएम मोदी ने की थी 'वर्क फ्रॉम होम' की अपील

बढ़ते ऊर्जा संकट और देश से बाहर जा रहे विदेशी धन को रोकने के लिए पिछले हफ्ते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक विशेष अपील की थी। पीएम मोदी ने नागरिकों से ईंधन बचाने और कंपनियों से अधिकतम 'वर्क फ्रॉम होम' कराने का आग्रह किया था, ताकि देश में कच्चे तेल की कुल मांग को कम किया जा सके और आर्थिक मोर्चे पर देश को राहत मिले।

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