Carry Bag Charge: पहले के समय में लोग शॉपिंग करते समय कैरी बैग लेकर जरूर जाते थे। लेकिन अब आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कहीं भी शॉपिंग करने लगते हैं। ऐसे में दुकानदार भी सामान भरने के लिए कैरी बैग पकड़ा देते हैं। ऐसे में बहुत से लोग अब शॉपिंग के लिए कैरी बैग लेने की आदत छोड़ चुके हैं। अब समय कुछ बदल गया है। कुछ लोग शॉपिंग के बाद कैरी बैग मांगने पर अलग से पैसे लेते हैं। अब कैरी बैग लेते समय क्या नियम हैं। इस बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी होती है।
हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां कैरी बैग बेचने वाली कंपनी को भारी जुर्माने का सामना करना पड़ा है। कंपनी का नाम और लोगो छपे कैरी बैग को 17 रुपये में बेचने का हर्जाना दो लाख रुपये तय हुआ है। कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लखनऊ के कैंपबेल रोड असियामऊ निवासी दुर्गेश गुप्ता ने फर्स्ट क्राई विनायक कृष्णा इंटरप्राइज राजाजीपुरम से 20 अक्टूबर 2021 को 400 रुपये का सामान खरीदा था। वहां दुर्गेश को कैरी बैग के लिए 17 रुपये अलग से लिए गए। इस कैरी बैग में कंपनी का नाम और लोगो छपा था। इसके बाद दुर्गेश ने कंपनी को लीगल नोटिस भेजा और जिला उपभोक्ता फोरम में केस फाइल कर दिया। फोरम ने सुनवाई के बाद आदेश दिया कि बैग के मूल्य का भुगतान निर्णय से 45 दिन के भीतर 9 फीसदी ब्याज के साथ किया जाएहा। वहीं मानसिक शोषण के लिए 10,000 रुपये, पूरे मामले में जो पैसे खर्च हुए उसके लिए 5000 रुपये भी दिए जाए।
ऐसे में अब आपको कैरी बैग के इस नियम के बारे में जरूर पता होना चाहिए कि कब स्टोर आपसे कैरी बैग के पैसे ले सकता है और कब नहीं। कहा जाता है कि अगर स्टोर ने कैरी बैग पर अपना नाम लिखाया है या अपना लोगो लगाया है तो वो कैरी बैग के पैसे नहीं ले सकता है। ऐसा करने पर आप कंज्यूमर फोरम में शिकायत कर सकते हैं। ऐसे मामलों से निपटने के लिए अब कंपनियां बिना लोगो और नाम के प्लेन कैरी बैग लोगों को देते हैं। जिसका वो 10 रुपये तक चार्ज लेते हैं।