इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने क्रूड ऑयल की घटती सप्लाई और बढ़ती कीमतों के बीच एक खास सलाह दी है। उसने एंप्लॉयीज को घर से काम करने और लोगों को हवाई यात्रा टालने की सलाह दी है। एजेंसी का मानना है कि इससे कंज्यूमर्स पर क्रूड की बढ़ती कीमतों का दबाव कम पड़ेगा। अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में आग लग गई है।
ब्रेंट क्रूड 3 फीसदी उछलकर 112 डॉलर के पार
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 20 मार्च को 3.26 फीसदी उछलकर 112 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। क्रूड की लगातार बढ़ती कीमतों का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इससे दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा है। IEA ने कहा है कि उसने जो प्रस्ताव दिया है, उस पर सरकार, कंपनियां और परिवार अमल कर सकते हैं। क्रूड ऑयल की डिमांड घटने से इसकी कीमतों पर दबाव होगा। इससे आम लोगों को राहत मिलेगी।
इन उपायों से क्रूड ऑयल की डिमांड में आएगी कमी
आईईए ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि फिलहाल एंपॉलॉयीज ऑफिस जाने की जगह घर से काम कर सकते हैं। हाईवे पर स्पीड लिमिट कम से कम 10 किलोमीटर प्रति घंटा घटाई जा सकती है। साथ ही हवाई यात्रा की जगह परिवहन के दूसरे साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत में 20 मार्च को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए। हालांकि, उन्होंने अभी नॉर्मल पेट्रोल की कीमतें नहीं बढ़ाई है।
आईईए दुनियाभर की सरकारों के करीबी संपर्क में
IEA के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर Faith Birol ने एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है, "हमने हाल में आईईए का सबसे बड़ा इमर्जेंसी ऑयल स्टॉक्स रिलीज लॉन्च किया है। मैं दुनियाभर के देशों की सरकारों के करीबी संपर्क में हूं। इनमें बड़े ऑयल उत्पादक और कंज्यूमर देश शामिल हैं। यह इंटरनेशनल एनर्जी डिप्लोमैसी का हिस्सा है।"
सप्लाई में कमी से चढ़ रही है क्रूड ऑयल की कीमतें
क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल की सबसे बड़ी वजह इसकी कम सप्लाई है। हालात को देखते हुए आईईए 11 मार्च को स्ट्रेटेजिक रिजर्व से 40 करोड़ बैरल ऑयल रिलीज करने को तैयार हो गया था। इसमें अमेरिकी ऑयल का बड़ा हिस्सा शामिल है। लेकिन, इसका ज्यादा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर नहीं पड़ा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक मध्यपूर्व में लड़ाई जारी है, क्रूड ऑयल की सप्लाई बाधित रहेगी।
कई महीने तक हाई रह सकती है क्रूड ऑयल की कीमतें
कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व की लड़ाई फिलहाल थमने के कोई संकेत नहीं हैं। अगर यह लड़ाई थम जाती है तो भी काफी समय तक क्रूड ऑयल की कीमतें हाई बनी रहेंगी। इसकी वजह यह है कि अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों से ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान हुआ है। ईरान ने भी मध्यपूर्व में कई देशों पर जवाबी हमले किए हैं, जिसका असर गैस और ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ा है। कई देशों ने रिफाइनरीज में उत्पादन बंद कर दिए हैं।