सरकार ने शुक्रवार यानी 12 अगस्त 2023 को मुंबई और कोच्ची सहित छह और हवाई अड्डों पर डिजी यात्रा की सुविधा को शुरू करने का ऐलान किया है। फिलहाल देश भर के सात हवाई अड्डों पर डिजी यात्रा की सर्विस उपलब्ध है। इसे पहली बार 1 दिसंबर, 2022 को दिल्ली, वाराणसी और बेंगलुरु के हवाई अड्डों पर लॉन्च किया गया था। इसे लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति को भी जारी कर दिया गया है।
क्या लिखा है विज्ञप्ति में
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा कि डिजी यात्रा सुविधा अगस्त 2023 के महीने में छह और हवाई अड्डों जैसे कि मुंबई, अहमदाबाद, कोच्चि, लखनऊ, जयपुर और गुवाहाटी हवाई अड्डों पर शुरू की जाएगी। इन हवाई अड्डों पर डिजी यात्रा बुनियादी ढांचे का कार्यान्वयन और स्थापना चरणबद्ध तरीके से होगी। इस सुविधा में यात्रियों की चेहरे की पहचान FRT के आधार पर हवाई अड्डों पर अलग अलग प्वाइंट पर जांच करके यात्रियों की कॉन्टैक्ट लेस और बिना रोकटोक के आवाजाही देगी।
फिलहाल इतने लाख यात्री कर चुके हैं इसका इस्तेमाल
मंत्रालय के अनुसार, 10 अगस्त तक 3.46 मिलियन यात्रियों यानी लगभग 30 लाख 46 हजार यात्रियों ने डिजी यात्रा सुविधा का उपयोग किया है। वर्तमान में, डिजी यात्रा सुविधा विजयवाड़ा, पुणे, हैदराबाद और कोलकाता में भी उपलब्ध है। इस सुविधा के तहत, यात्रियों का डेटा एन्क्रिप्ट किया जाता है और केंद्रीय रूप से संग्रहीत नहीं किया जाता है। इसे केवल यात्री और यात्रा मूल के हवाई अड्डे के बीच साझा किया जाता है, जहां यात्री की डिजी यात्रा आईडी को मान्य करने की आवश्यकता होती है। उड़ान के प्रस्थान के 24 घंटे के भीतर हवाई अड्डे के सिस्टम से डेटा हटा दिया जाता है।
डिजी यात्रा एक तरह की फेस रिकॉग्निशन प्रणाली है जिसकी सहायता से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संपर्क रहित, निर्बाध यात्रा की सुविधा दी जाती है। इससे यात्री बिना कोई कॉन्टैक्ट के अलग अलग चेक प्वाइंट्स से निकल सकते हैं, जिसके लिए उनके चेहरे का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रोसेस में हर एक टचपॉइंट पर तीन सेकंड से भी कम का वक्त लगेगा। इस सुविधा में यात्री का चेहरा ही उसके डॉक्यूमेंट आईडी प्रूफ, वैक्सीन प्रूफ और बोर्डिंग पास की तरह काम करेगा।