कोरोना महामारी के बाद से ही लोन देने वाले ऐप के जरिए डिजिटल फ्रॉड या धोखाधड़ी के मामले बढ़े हैं। इन्हें 'लेंडिंग ऐप' कहते हैं। ये लेडिंग ऐप जरूरतमंद यूजर्स को तुरंत कुछ ही मिनटों के अंदर कर्ज मुहैया कराते हैं। हालांकि इन ऐप्स के साथ कई तरह के खतरे या जोखिम भी जुड़े है। फिनटेक इंडस्ट्री में मौजूद इन्हीं जोखिमों को पहचानने के लिए हाल ही में एक 'फिनटेक लेंडिंग रिस्क बैरोमीटर' लॉन्च किया गया है। इस बैरोमीटर को फिनटेक एसोसिएशन फॉर कंज्यूमर एम्पावरमेंट (फेस) और सेंटर फॉर फाइनैशियल इन्क्लूजन (सीएफआई) ने मिलकर लॉन्च किया है। इस रिस्क बैरोमीटर का उद्देश्य ऑनलाइन लेंडिंग इंडस्ट्री में उभरते जोखिमों को पहचनाने का एक बेसलाइन तैयार करना है।
