Onion Export Ban: भारत सरकार ने आम चुनावों से पहले प्याज के निर्यात पर रोक को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है। सरकार ने प्याज निर्यात पर दिसंबर 2023 में प्रतिबंध लगाया था, जो 31 मार्च को खत्म होने वाला था। व्यापारियों का अनुमान था कि इसे हटा लिया जाएगा क्योंकि निर्यात प्रतिबंध लागू होने के बाद से स्थानीय बाजारों में प्याज की कीमतें लगभग आधी रह गई हैं और इस सीजन की फसल की आपूर्ति शुरू हो गई है।
महाराष्ट्र के कुछ थोक बाजारों में प्याज की कीमतें (Onion Price) दिसंबर में 4500 रुपये प्रति 100 किलोग्राम थीं, जो गिरकर अब 1200 रुपये प्रति 100 किलोग्राम पर आ गई हैं। लेकिन सरकार ने आदेश जारी कर दिया है कि अगले आदेश तक प्याज के निर्यात पर रोक जारी रहेगी। इस बारे में आदेश डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने जारी किया है। DGFT वाणिज्य मंत्रालय के तहत आता है और आयात-निर्यात से जुड़े मुद्दों को देखता है।
प्रतिबंध से इन देशों में बढ़ गई प्याज कीमत
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश, मलेशिया, नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश प्याज आपूर्ति के मामले में घरेलू उत्पादन में कमी की भरपाई करने के लिए भारत से आयात पर निर्भर हैं। इनमें से कई देश भारत के प्याज निर्यात पर प्रतिबंध के बाद से प्याज की ऊंची कीमतों से जूझ रहे हैं।
इस वित्त वर्ष उत्पादन कम रहने का अनुमान
ऐसा अनुमान जताया गया है कि वित्त वर्ष 2023-24 में प्याज के उत्पादन में गिरावट रहेगी। कृषि मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, ‘‘प्याज का उत्पादन 2023-24 में लगभग 254.73 लाख टन रहने की उम्मीद है। पिछले साल यह लगभग 302.08 लाख टन था। महाराष्ट्र में 34.31 लाख टन, कर्नाटक में 9.95 लाख टन, आंध्र प्रदेश में 3.54 लाख टन और राजस्थान 3.12 लाख टन की उपज कम होने से कुल उत्पादन में यह गिरावट आने की आशंका है।’’ आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में प्याज का उत्पादन 316.87 लाख टन रहा था।