ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड को बढ़ावा देने के लिए सरकार 5 लाख फाइबर-टू-द-होम कनेक्शन सस्ती दरों पर लगाने की तैयारी कर रही है। CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगले हफ्ते से सरकार इसका पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च कर सकती है। मार्च के दूसरे हफ्ते से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे शुरू करने की योजना है।
सूत्रों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है। सरकार सस्ती दरों पर 5 लाख ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगाएगी। सूत्रों के मुताबिक मार्च के दूसरे हफ्ते से पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। सूत्रों के मुताबिक भारत नेट परियोजना के जरिए ग्रामीण इलाकों में ये कनेक्शन लगाए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 250 करोड़ रुपए का करार किया है। ये करार BSNL के साथ किया गया है। BSNL इस रकम का इस्तेमाल मुफ्त मॉडम देने के लिए करेगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 31 अक्टूबर 2023 तक ग्रामीण इलाकों में करीब 5 लाख कनेक्शन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बताते चलें कि भारत नेट के तहत अब तक 2 लाख से ज्यादा गांव फाइबर से जुड़ चुके हैं।
क्या है भारत नेट परियोजना
BharatNet Project के तहत सरकार ने 2.52 लाख ग्राम पंचायतों को फास्ट स्पीड ब्रॉडबैंड सर्विस से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। ये विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड परियोजना है । धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रोजेक्ट का विस्तार सभी गांवों तक करने की घोषणा की है । इस परियोजना को अक्टूबर 2011 में नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (National Optical Fibre Network- NOFN) के नाम से लांच किया गया था । साल 2015 में इसका नाम बदलकर भारत नेट प्रोजेक्ट (Bharat Net Project) कर दिया गया ।
भारतनेट प्रोजेक्ट को दुनियाभर में सबसे बड़ा ब्रॉडबैंड प्रोग्राम माना जा सकता है जो ग्रामीणों को कनेक्ट करेगा। ये मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत शुरू हुआ प्रोग्राम है जिसमें विदेशी कंपनियों की हिस्सेदारी नहीं रहेगी। भारतनेट प्रोजेक्ट के जरिए सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि इसके तहत गांव-गांव तक इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।