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Indian Railways: ट्रेन में सफर करने वालों का अकाउंट हो रहा है खाली! जानिए हैकर्स कैसे लगा रहे हैं चूना

Indian Railways: अगर आप ट्रेन में सफर करते हैं। होटल रुकते हैं तो आपके साथ जूस जैकिंग स्कैम हो सकता है। इस तरह के स्कैम में हैकर्स पब्लिक चार्जिंग पोर्ट्स का इस्तेमाल लोगों के फोन को हैक करने के लिए करते हैं। इसमें हैकर्स पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर चार्ज में लगे फोन्स में मैलवेयर इंस्टॉल करते हैं

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Nov 28, 2023 पर 2:52 PM
Indian Railways: ट्रेन में सफर करने वालों का अकाउंट हो रहा है खाली! जानिए हैकर्स कैसे लगा रहे हैं चूना
Indian Railways: पब्लिक प्लेस पर मोबाइल चार्ज करने से आपका फोन हैक हो सकता है। ऐसे में हमेशा सावधान रहना चाहिए।

Indian Railways: इन दिनों डिजिटल की दुनिया तेजी से बढ़ रही है। हमें घर बैठे ही सारी चीजें आसानी से मिल जाती है। ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा मिलने से तो अब बहुत कम लोग है, जो बैक जाते हैं। लेकिन जितना ऑनलाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं। उतना ही अलर्ट रहने की भी जरूरत है। अगर आप ट्रेन से सफर कर रहे हैं तो सावधान रहना चाहिए। एक छोटी सी गलती होने पर फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं। पलक झपकते ही तगड़ा चूना लग सकता है। पब्लिक प्लेस पर फोन चार्ज पर लगाने से फोन हैक हो सकता है। इसे जूस जैकिंग कहते हैं। य एक तरह का साइबर या वायरस अटैक होता है।

क्रिमिनल पब्लिक प्लेस जैसे- एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या मॉल में इस्तेमाल होने वाले USB चार्जिंग पोर्ट के जरिए किसी भी मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट या दूसरे डिवाइस में मालवेयर इन्स्टॉल (juice jacking) करके पर्सनल डेटा चुरा लेते हैं। हैकर्स पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर चार्ज में लगे फोन्स में मैलवेयर को इंस्टॉल करते हैं। फिर फोन को हैक करके आपकी तमाम जानकारी चुरा सकते हैं।

मैलवेयर

जब भी स्मार्टफोन चार्ज पर लगाते हैं तो उसके साथ डेटा केबल को कनेक्ट करते हैं। लेकिन डेटा केबल का ही इस्तेमाल डेटा ट्रांसफर करने के लिए भी किया जाता है। इसी की मदद से स्मार्टफोन में डेटा या कोई भी सॉफ्टवेयर आसानी से इंस्टॉल किया जा सकता है। ऐसे में जब भी आप स्मार्टफोन किसी भी पब्लिक प्लेटफॉर्म पर चार्ज पर लगाएं तो सबसे पहले ये सुनिश्चित कर लें कि आपके फोन का डेटा तो कोई चोरी नहीं कर रहा है। जब भी आप स्मार्टफोन को कनेक्ट करते हैं तो एक पॉप-अप आता है। इसमें पूछा जाता है कि आप स्मार्टफोन का डेटा शेयर करना चाहते हैं या नहीं? इसमें आपको Allow और Decline दो ऑप्शन दिए जाते हैं। ऐसे में आपको Decline को चुनना चाहिए। Decline करने की स्थिति में आपके फोन का डेटा सुरक्षित हो जाता है और कोई जानकारी हासिल नहीं कर पाते हैं।

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