MGNREGS Wage: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मुहैया कराने में सरकारी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) की अहम भूमिका रहती है। हालांकि इस योजना को लेकर लगातार विवाद बना रहता है। खासकर इस योजना के तहत किए जाने वाले पेमेंट में गड़बड़ियों की शिकायतें खूब ती है। इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार ने आधार के जरिए पेमेंट करने का सिस्टम (Aadhaar-based payment system -ABPS) लागू कर दिया है। इस सिस्टम को अपनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 31 अगस्त 2023 डेडलाइन रखी गई है। अब इसकी डेडलाइन पर बड़ा अपडेट आया है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इसकी डेडलाइन में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।
दरअसल, आधार के जरिए पेमेंट सिस्टम को लागू करने के लिए पहले डेडलाइन 1 फरवरी तय की गई थी। जिसे बाद में 31 मार्च फिर 30 जून और आखिर में 31 अगस्त तक बढ़ाया गया था। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार फिर से डेडलाइन में इजाफा कर देगी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इस सिस्टम को अपनाने के लिए आखिरी तारीख 31 अगस्त है।
इस वजह से नहीं बढ़ाई जाएगी डेडलाइन
ग्रामीण विकास मंत्रालय (rural development ministry) के अधिकारियों ने कहा कि डेडलाइन को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसकी वजह ये है कि 90 फीसदी से ज्यादा एक्टिव मजदूरों के अकाउंट पहले ही आधार से जुड़े हुए हैं। जून में मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी किया गया था। जिसमें का गया था कि कुल 14.28 करोड़ एक्टिव लाभार्थियों में से 13.75 करोड़ को आधार नंबर से जोड़ा गया है। मंत्रालय के मुताबिक, कुल 12.17 करोड़ आधार नंबर प्रमाणित किए गए हैं। इसमें 77.81 फीसदी उस समय ABPS के लिए पात्र पाए गए थे। वहीं मई 2023 में करीब 88 फीसदी पेमेंट ABPS के जरिए किया गया था।
जॉब कार्ड का डेटा नहीं हटेगा
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि जो श्रमिक ABPS के लिए पात्र नहीं है। उन्हें मनरेगा के तहत जो जॉब कार्ड दिए गए हैं। उस कार्ड का डेटा नहीं हटा सकते हैं। हाल ही में मानसून सत्र के दौरान संसद में ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने लिखित में जवाब देते हुए कहा कि करीब 1.13 करोड़ मनरेगा श्रमिकों, या योजना के तहत कुल एक्टिव श्रमिकों में से लगभग 8 फीसदी के बैंक खातों में अभी भी आधार से पैसा जमा नहीं किया गया है।
जानिए किन राज्यों में कितने श्रमिक अभी नहीं जुड़े
उत्तर पूर्वी राज्य इस प्रक्रिया में सबसे पीछे हैं। असम में 42 फीसदी, अरुणाचल प्रदेश में करीब 23 फीसदी, मेघालय में 70 फीसदी और नागालैंड में 37 फीसदी से ज्यादा श्रमिकों के अकाउंट्स को आधार नंबर से नहीं जोड़ा गया है। बता दें कि आधार के जरिए पेमेंट करने का सिस्टम साल 2017 से मनरेगा के तहत इस्तेमाल किया जा रहा है। मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि राज्यों को 100 फीसदी ABPS अपनाने के लिए शिविर आयोजित करने के लिए कहा गया है।