PMGKAY: दिसंबर तक गरीबों को मिलेगा फ्री अनाज, केंद्र पर पड़ेगा 44,762 करोड़ रुपये का बोझ

PMGKAY: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में फ्री राशन स्कीम को 3 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। इस साल मार्च महीने में इसे 6 महीने के लिए बढ़ाया गया था

अपडेटेड Sep 29, 2022 पर 9:32 AM
फ्री राशन स्कीम की डेडलाइन 30 सितंबर को खत्म हो रही थी।

PMGKAY: गरीबों को फ्री में अनाज मुहैया कराने वाली स्कीम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana -PMGKAY) को केंद्र सरकार ने और 3 महीने के लिए बढ़ा दिया है। यानी 31 दिसंबर 2022 तक इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। इस योजना पर 44,700 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस पर 122 लाख टन अनाज बांटा जाएगा। इस स्कीम पर कुल खर्च बढ़कर लगभग 3.91 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा।

बता दें कि यह योजना 30 सितंबर 2022 को खत्म होने वाली थी। इस स्कीम से देश के 80 करोड़ लोगों को सीधे फायदा पहुंचता है। माना जा रहा है कि महंगाई से गरीबों को कुछ राहत देने के अलावा गुजरात विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह निर्णय किया गया है।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि इस फैसले से देश के करोड़ों लोगों को फायदा होगा। त्योहारी मौसम के समय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार की लोकप्रिय इस योजना से 80 करोड़ के आसपास लोग जुड़े हुए हैं। कोरोना महामारी (Covid-19 pandemic) के दौरान गरीबों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को अप्रैल 2020 में लॉन्च किया गया था। इस साल मार्च में इसे छह महीने के लिए बढ़ाया गया था। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि इस योजना को अक्टूबर से दिसंबर, 2022 तक के लिये बढ़ाया गया है।

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कितना मिलता है राशन

इस योजना के तहत राशनकार्ड होल्डर्स को 5 किलो अनाज मिलता है। यह नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत मिलने वाले कोटे से अलग है। यानी यह अनाज राशनकार्ड पर हर महीने मिलने वाले अनाज से अलग होता है। इस कानून के तहत ग्रामीण इलाकों में 75 फीसदी और शहरी इलाकों में 50 फीसदी आबादी को सस्ता राशन दिया जाता है। यह राशन उसी राशन की दुकान से मिलता है। जहां से राशनकार्ड होल्डर्स आनाज लेते हैं।

अब तक इस योजना पर 3.40 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पास अनाज के स्‍टॉक में कोई कमी नहीं है। एक अगस्त तक सरकार के पास केंद्रीय पूल में 2.8 करोड़ टन चावल और 2.67 करोड़ टन गेहूं था।

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