PM Kusum Yojana: किसानों अब अपने खेतों की सिंचाई के लिए ज्यादा नहीं भटकना पड़ेगा। केंद्र सरकार की पीएम कुसुम योजना के जरिए डीजल और बिजली से भी छुटाकारा मिलने की संभावना है। कई बार किसानों को बिजली या तेल के चक्कर में ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में किसानों के लिए पीएम कुसुम योजना काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, इस योजना के तहत केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए सब्सिडी मुहैया कराती है। सोलर पंप के जरिए किसान अपने खेतों की सिंचाई ही नहीं कर सकते हैं। बल्कि बंजर जमीन में इसे लगाकर मोटी कमाई भी कर सकते हैं।
जानकारों के मुताबिक, एक मेगावट का सोलर प्लांट लगाने के लिए करीब 4 से 5 एकड़ भूमि की जरूरत होती हैं। इससे एक साल में करीब 15 लाख बिजली यूनिट बनाई जा सकती है। इस बिजली को किसान बेच सकते हैं। जिससे किसानों की मोटी कमाई होगी।
पीएम कुसुम योजना के तहत केंद्र सरकार 45 फीसदी सब्सिडी मुहैया कराती है। वहीं राज्य सरकारें भी सब्सिडी मुहैया कराती हैं। हर एक राज्य सरकार का अलग-अलग अनुपात है। हरियाणा सरकार 30 फीसदी सब्सिडी मुहैया कराती है। ऐसे में किसानों को 75 फीसदी सब्सिडी मिल जाएगी। इस सरकारी योजना (Govt Schemes) से किसानों को अपनी कमाई बढ़ाने में काफी मदद मिलती है। बता दें कि किसान खेतों (Agriculture) में पानी देने के लिए बिजली के ट्यूबवेल का इस्तेमाल करते हैं। बंजर भूमि को भी सिंचाई के जरिए उपयोग में ला सकते हैं।
सब्सिडी के लिए यहां करें अप्लाई
जो किसान सोलर वाटर पम्पिंग सिस्टम लगाना चाहते हैं, उन्हें http://saralharyana.gov.in/ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की आधिकारिक वेबसाइट www.mnre.gov.in पर भी विजिट कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1800-180-3333 पर कॉल कर सकते हैं।
इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगवाने के लिए किसानों कुछ डॉक्यूमेंट्स जमा करना पड़ता है। किसानों को अपना आधार कार्ड, राशन कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक की कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और किसानों को अपनी खेती से जुड़े डाक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी।