Government Scheme: केन्द्र सरकार महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए नई-नई योजनाएं शुरू कर रही हैं। इसी कड़ी में मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री मातृत्व योजना (PM Matritva Vandana Yojana) लॉन्च की है। यह योजना साल 2017 से चल रही है। इसके तहत महिलाओं के अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। सरकार का मकसद ऐसी महिलाओं को आत्मनिर्भर (make self-reliant) बनाना है। जिनके पास कोई भी रोजगार के साधन नहीं हैं।
प्रधानमंत्री मातृत्व योजना (PM Matritva Vandana Yojana) के जरिए मां अपने शिशु की देखभाल कर सकती है। स्कीम के तहत केन्द्र सरकार ये पैसा महिलाओं के अकाउंट में तीन किश्तों में पैसे ट्रांसफर करती है।
इस योजना में गर्भवती महिलाएं अप्लाई कर सकती हैं। गर्भवती महिलाओं की जिंदगी सुधारने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का फायदा लेने के लिए माता-पिता का आधार कार्ड, माता-पिता का पहचान पत्र, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, बैंक खाते की पास-बुक होनी चाहिए। बता दें कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में पहली बार गर्भ धारण करने वाली और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है। इस योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2017 को हुई थी। इसको प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता योजना के नाम से भी जाना जाता है।
3 किश्तों में मिलते हैं पैसे
इस योजना का मकसद मां और बच्चे दोनों की अच्छे से देखभाल करना है। सरकार तीन चरणों में आर्थिक सहायता मुहैया कराती है। पहले चरण में 1000 रुपये, दूसरे चरण में 2000 रुपये और तीसरे चरण में 2000 रुपये गर्भवती महिलाओं को दिए जाते हैं। वहीं, आखिरी 1000 रुपये सरकार बच्चे के जन्म के समय अस्पताल में देती है। इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://wcd.nic.in/schemes/pradhan-mantri-matru-vandana-yojana पर विजिट कर सकते हैं।