इन दिनों डिजिटल का जमाना है। सब कुछ एक क्लिक पर मिल जाता है। घर बैठे ऑनलाइन पेमेंट से लेकर कामकाज भी होने लगा है। कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद से डिजिटल कामकाज में जबरदस्त तेजी आई है। इसकी वजह ये रही कि कामकाज का सिर्फ ऑनलाइन तरीका ही बचा था। इस दौरान कई चीनी ऐप भी आ गए और भारतीयों को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। इन चाइनीज ऐप्स ने कई लोगों को ब्लैकमेल भी किया। ऐसे ही चाइनीज ऐप पावर बैंक (Power bank) है। इसके जरिए सिर्फ 4 महीने में 50 लाख से ज्यादा लोगों को 341 करोड़ रुपये का चूना लग चुका है।
पावर बैंक के फर्जीवड़े का खुलासा उत्तराखंड पुलिस ने किया है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस धोखाधड़ी की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। जिसमें मार्च से मई 2021 के बीच करोड़ों रुपये भारतीयों से ठग लिए गए हैं। लोगों को लालच दिया गया है कि 15 दिन में आपके पैसे दो गुना कर दिए जाएंगे। इस ऐप को गूगल प्ले से डाउनलोड किया जा सकता है।
ED ने दिल्ली-NCR, गुजरात और मुंबई में की छापेमारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पॉवर बैंक ऐप को पब्लिश करने वाली कंपनी का नाम इंडिया पॉवर (Indian power) था। इसे बेंगलुरु की एक टेक्नोलॉजी कंपनी ने बनाया था। इस कंपनी पर मार्च 2021 से लेकर मई 2021 के दौरान ही करीब 341 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप लगा था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और गुजरात तलाशी अभियान चलाया। इसमें कई इलेक्ट्रॉनिक सबूत और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। ईडी की इस तलाशी अभियान में अन्य कई संदिग्ध कंपनियों के बारे में पता चला है। NCR में ED की रडार पर कई कंपनियां आ गई हैं। इनमें मेसर्स देव एंटरप्राइजेज (मालिक: विपुल जोशी), मेसर्स दिव्यम इंफ्राकॉन (निदेशक: चोथानी एम. गोबरभाई), मेसर्स तन्वी गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड (निदेशक: सुरेंद्र, अभय चपलोत) और मेसर्स कैपिटल किंग मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (निदेशक: चिराग पटेल) शामिल हैं।
प्ले-स्टोर पर मौजूद है पावर बैंक ऐप?
Power Bank India नाम से यह ऐप गूगल प्ले-स्टोर पर अभी मौजूद है। कहा जा रहा है कि सबसे पहले यह ऐप फरवरी 2021 में प्ले-स्टोर पर आया। इसका आखिरी अपडेट 4 जून 2021 को रिलीज किया गया है। पावर बैंक ऐप को प्ले-स्टोर पर बिजनेस कैटेगरी में पब्लिश किया गया है। अभी तक इसे 50 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड कर लिया था। फिलहाल लाखों भारतीय डबल पैसे के लालच में अपनी पूंजी गंवा बैठे हैं।