Sukanya Samriddhi Yojana: केंद्र की मोदी सरकार ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana SSY) चला रही है। सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश बेहतर विकल्प है। जिसके तहत बेटी के नाम से सुकन्या अकाउंट खोलने और उसमें हर साल पैसे जमा करने पर भविष्य में एकमुश्त राशि का लाभ मिलता है। बेटियों की उच्च-शिक्षा, शादी आदि के लिए इस योजना में निवेश कर बड़ा फंड इकट्ठा किया जा सकता है। यह बैंक की FD से अधिक रिटर्न देने वाली स्कीम है। अगर आप भी अपनी बेटी की शादी या हाएर एजुकेशन के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करना बेहतर साबित हो सकता है।
SSY में निवेश करने पर कोई जोखिम नहीं है। इस योजना में निवेश कर आप अपने बेटियों का भविष्य संवार सकते हैं। यह स्कीम 7.6 फीसदी का रिटर्न देती है। अब सुकन्या समृद्धि योजना के तहत तीन बेटियों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
तीन बेटियों के नाम खोल सकते हैं अकाउंट
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत एक ही परिवार के तहत सिर्फ दो बेटियों का ही अकाउंट खोला जाता है। लेकिन अगर किसी परिवार में जुड़वा बेटियां पैदा हुई हैं तो इस योजना के तहत दो के बजाय तीन बेटियों के लिए अकाउंट ओपेन किया जा सकता है। 18 साल के बाद जिनके नाम से खाता है। वह अपने पढ़ाई और जरूरत के समय पैसा निकाल सकते हैं। इस योजना में निवेश करने वाले अभिभावकों को पहले 2 बेटियों के अकाउंट पर ही इनकम टैक्स से छूट मिलती थी। अब इसमें बदलाव कर तीसरी बेटी के लिए भी छूट लागू कर दिया गया है।
यह स्कीम तब मैच्योर होगी, जब बेटी 21 साल की हो जाएगी। इसमें जमा कराए गए पैसे को बिटिया के 18 साल की होने तक निकलवाया नहीं जा सकता। 18 साल के बाद भी इस स्कीम से कुल राशि का 50 फीसदी हिस्सा ही निकाला जा सकता है। बेटी के 21 साल के होने पर पूरा पैसा मिल जाएगा। पैसा एकमुश्त या फिर किश्तों (instalments) में मिल सकता है। एक साल में एक ही बार पैसा मिलेगा। अधिकतम पांच साल तक किश्त में पैसे ले सकते हैं।
क्या SSY अकाउंट को बंद किया जा सकता है?
अगर सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Scheme) में अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाये तो डेथ सर्टिफिकेट दिखाकर खाता बंद कराया जा सकता है। इसके बाद सुकन्या समृद्धि योजना खाते में जमा रकम बच्ची के अभिभावक को ब्याज सहित वापस दी जा सकती है। दूसरे मामलों में SSY खाते को खोलने से पांच साल के बाद बंद किया जा सकता है। यह भी कई परिस्थितियों में किया जा सकता है। जैसे जीवन को खतरे से जुड़ी बीमारियों के मामले में इसे बंद किया जा सकता है। इसके बाद भी अगर किसी दूसरे कारण से खाता बंद किया जा रहा हो तो इसकी इजाजत दी जा सकती है, लेकिन उस पर ब्याज सेविंग अकाउंट के हिसाब से मिलेगा।