टेलिकॉम सर्विस पड़ी ठप तो कंपनियों को ग्राहकों को देना होगा मुआवजा, TRAI लेकर आया नए नियम

नए मानदंड 3 अलग-अलग रेगुलेशंस- बेसिक और सेल्युलर मोबाइल सेवाओं, ब्रॉडबैंड सेवाओं, और ब्रॉडबैंड वायरलेस सेवाओं के लिए क्वालिटी ऑफ सर्विस का स्थान लेते हैं। फिक्स्ड लाइन सर्विस प्रोवाइडर्स को भी उनके नेटवर्क या सेवा में खराबी 3 दिन के बाद ठीक होने पर पोस्टपेड और प्रीपेड ग्राहकों को मुआवजा देना होगा। Trai ट्राई के नए नियम 6 महीने बाद लागू होंगे

अपडेटेड Aug 03, 2024 पर 4:26 PM
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ब्रॉडबैंड सर्विस प्रोवाइडर्स को ग्राहकों की ओर से भुगतान किए जाने के 7 दिनों के अंदर 98 प्रतिशत कनेक्शन एक्टिवेट करने होंगे।

अगर टेलिकॉम कंपनियों की सर्विस जिला स्तर पर 24 घंटे से अधिक समय तक बाधित रहती है तो उन्हें ग्राहकों को मुआवजा देना होगा। यह नया प्रावधान टेलिकॉम रेगुलेटर ट्राई के नए नियमों के तहत है। टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने नए सेवा गुणवत्ता मानकों (Quality Benchmark) को जारी किया है। नए नियमों के तहत प्रत्येक क्वालिटी बेंचमार्क को पूरा करने में विफल रहने पर दंडात्मक राशि को 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है।

ट्राई ने संशोधित नियमों 'द स्टैंडर्ड्स ऑफ क्वालिटी ऑफ सर्विस ऑफ एक्सेस (वायरलाइंस एंड वायरलेस) एंड ब्रॉडबैंड (वायरलाइन एंड वायरलेस) सर्विस रेगुलेशंस, 2024' के तहत नियम उल्लंघन के विभिन्न पैमानों के लिए 1 लाख रुपये, 2 लाख रुपये, 5 लाख रुपये और 10 लाख रुपये का ग्रेडेड पेनल्टी सिस्टम शुरू किया है।

किराए में छूट, वैलिडिटी बढ़ाने का भी नियम


नए मानदंड 3 अलग-अलग रेगुलेशंस- बेसिक और सेल्युलर मोबाइल सेवाओं, ब्रॉडबैंड सेवाओं, और ब्रॉडबैंड वायरलेस सेवाओं के लिए क्वालिटी ऑफ सर्विस (QoS) का स्थान लेते हैं। नए नियमों के मुताबिक, किसी जिले में नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में टेलिकॉम ऑपरेटर्स को पोस्टपेड ग्राहकों के लिए किराए में छूट देनी होगी, जबकि प्रीपेड ग्राहकों के लिए कनेक्शन की वैलिडिटी बढ़ानी होगी।

ट्राई ने कहा है कि अगर ऐसा कोई नेटवर्क आउटेज 24 घंटे से अधिक समय तक जारी रहता है तो टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर अगले बिल में संबंधित जिले के रजिस्टर्ड पोस्टपेड ग्राहकों को, सर्विस आउटेज के वास्तविक दिनों की संख्या के लिए सब्सक्राइब्ड टैरिफ ऑफरिंग के अनुसार किराए में छूट देगा। ट्राई, किराए में छूट या वैलिडिटी के विस्तार की गणना के लिए एक कैलेंडर दिवस में 12 घंटे से अधिक की नेटवर्क आउटेज ड्यूरेशन को एक पूर्ण दिन के रूप में गिनेगा।

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एक सप्ताह के अंदर देना होगा यह मुआवजा

नए मानदंडों में कहा गया है, "पोस्टपेड ग्राहकों को किराए में छूट या प्रीपेड ग्राहकों को वैलिडिटी में विस्तार, खराबी के सुधार में देरी या 24 घंटे से अधिक के बड़े नेटवर्क आउटेज के कारण, जैसा भी लागू हो, नेटवर्क आउटेज के सुधार के एक सप्ताह के अंदर दिया जाएगा।" हालांकि, प्राकृतिक आपदा के कारण टेलिकॉम सर्विसेज बाधित होने की स्थिति में यह राहत नहीं मिलेगी।

फिक्स्ड लाइन सर्विस प्रोवाइडर्स भी नए नियमों के दायरे में

फिक्स्ड लाइन सर्विस प्रोवाइडर्स को भी उनके नेटवर्क या सेवा में खराबी 3 दिन के बाद ठीक होने पर पोस्टपेड और प्रीपेड ग्राहकों को मुआवजा देना होगा। नए नियम के अनुसार, ब्रॉडबैंड सर्विस प्रोवाइडर्स को ग्राहकों की ओर से भुगतान किए जाने के 7 दिनों के अंदर 98 प्रतिशत कनेक्शन एक्टिवेट करने होंगे। ट्राई के नए नियम 6 महीने बाद लागू होंगे।

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