UPI Transaction: पिछले महीने कहा जा रहा था कि 1 अप्रैल से UPI के जरिए पेमेंट करना महंगा पड़ सकता है। लेकिन इस खबर में थोड़ा पेंच फंसा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इस मामले में अपनी सफाई भी जारी कर दी थी। NPCI ने साफ तौर पर कहा था कि UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं देना होगा। लेकिन अगर आप एक कारोबारी हैं। आपके अकाउंट के वॉलेट में पैसे हैं। अगर आप वॉलेट के पैसों को ट्रांसफर करना चाहता है, तो इस ट्रांजैक्शन पर चार्ज देना होगा।
पेटीएम वॉलेट जैसे प्लेटफॉर्म से 2000 रुपये या उससे ज्यादा पेमेंट रिसीव करने पर 1.1 प्रतिशत चार्ज वसूला जाएगा। लेकिन अगर 2000 रुपये से कम का पेमेंट होता है, तो कोई चार्ज नहीं लगेगा। यह चार्ज कारोबारी पर लगाया जाएगा।
70% ट्रांजैक्शन 2000 रुपये से ज्यादा
भारत में करीब 70 फीसदी UPI ट्रांजैक्शन 2,000 रुपये से ज्यादा के होते हैं। ऐसे में इन पर 1.1 फीसदी का इंटरचेंज चार्ज लगाने की बात कही गई थी। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि 1 अप्रैल से यह शुल्क लागू करने के बाद 30 सितंबर से पहले इसकी समीक्षा की जाएगी। बता दें कि नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ने अलग-अलग सेक्टर के लिए अलग-अलग इंटरचेंज फीस तय की है। एग्रीकल्चर और टेलीकॉम सेक्टर के लिए सरचार्ज की दर कम रहने का अनुमान है। ऐसे लोगों को अब फोनपे, यूपीआई, गूगलपे, पेटीएम जैसे डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए एक्सट्रा चार्ज देना पड़ सकता है।
सर्कुलर में क्या कहा गया?
NPCI ने अपने सर्कुलर में साफ तौर पर कहा है कि इस बदलाव का कोई असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। ग्राहकों को कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। बैंक खातों से जुड़े UPI लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं लगाया गया है। पहले की तरह ही फ्री में ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। सिर्फ PPI वॉलेट पर शुल्क होगा , जो मर्चेंट को देना होगा। ग्राहकों के लिए इसपर कोई शुल्क नहीं है।