नौकरीपेशा कर्माचारियों की सैलरी का एक हिस्सा हर महीने पीएफ (PF) के तौर पर काटा जाता है। जितना पैसा आपकी सैलरी से पीएफ के तौर पर काटा जाता है उतना ही पैसा इंप्लॉयर भी आपके अकाउंट में जमा करता है। इंप्लॉयर के लिए ऐसा करना अनिवार्य है। हालांकि कई बार ऐसे मामले भी देखने और सुनने को मिलते हैं जब इंप्लॉयर की तरफ से आपके पीएफ खाते में पैसा जमा नहीं किया जाता है। हाल ही में आई एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पाइसजेट के पायलटों ने बताया था कि उनकी सैलरी से काटे जाने के बाद भी पीएफ का पैसा उनके अकाउंट में जमा नहीं किया गया था।
सरकार ने किया है कानून में संशोधन
हालांकि यह अपनी तरह का पहला मामला नहीं था। इससे पहले भी कर्मचारियों के अकाउंट में पीएफ का पैसा ना जमा करने की खबरें आ चुकी हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने बजट 2021 में इकम टैक्स कानूनों में संशोधन भी किया था। बदले हुए नियम के अनुसार नियोक्ता कटौती का दावा नहीं कर पाएंगे अगर वे समय पर ईपीएफ बकाया जमा नहीं करते हैं तो ईपीएफ अंशदान व्यय के रूप में जमा किया जाता है।
इंप्लॉयर को कर्मचारियों के ईपीएफ खाते में पैसा कब तक जमा करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक इंप्लॉयर के लिए महीने के 15 दिनों के अंदर ईपीएफ कंट्रीब्यूशन करना जरूरी है। जैसे कि अगस्त 2023 के लिए ईपीएफ कंट्रीब्यूशन 15 अगस्त तक हो जाना चाहिए। ऐसे में आइये अब यह भी जान लेते हैं कि आप अपने पीएफ अकाउंट का कंट्रीब्यूशन कैसे चेक कर सकते हैं।
ऐसे चेक कर सकते हैं अपने पीएफ अकाउंट का बैलेंस
ईपीएफ मेंबर्स ईपीएफओ पोर्टल या उमंग ऐप के जरिए अपने ईपीएफ पासबुक को चेक कर सकते हैं और उसे डाउनलोड कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आपके पास यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), पैन नंबर और आधार नंबर जैसी जानकारियां होना चाहिए। इसके अलावा आप उमंग ऐप, मिस्ड कॉल और एसएमएस के जरिए भी अपने पीएफ अकाउंट का बैलेंस चेक कर सकते हैं।