केरल के वायनाड जिले के कालपट्टा में रहने वाले पीसी मुस्तफा ने पैसे की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ दी थी। उनके पिता कॉफी के बागान में कुली का काम करते थे। मुश्किल से परिवार का गुजारा हो पाता था। मुस्तफा को बागान में काम करता देख एक टीचर ने उनके पिता को उन्हें दोबारा स्कूल भेजने के लिए मनाया। टीचर ने उनकी किताबों का खर्च उठाने का वादा किया।
