कई लोग सिर्फ समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने पर फोकस करते हैं। वे नहीं जानते कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अक्सर मैक्सिमम लिमिट तक करने से भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इससे आपका क्रेडिट स्कोर घट भी सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
कई लोग सिर्फ समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने पर फोकस करते हैं। वे नहीं जानते कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अक्सर मैक्सिमम लिमिट तक करने से भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इससे आपका क्रेडिट स्कोर घट भी सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
यूटिलाइजेशन बार-बार 80-90% पहुंचने पर नुकसान
क्रेडिट यूटिलाइजेशन का मतलब यह है कि कोई व्यक्ति अपने एवलेबल क्रेडिट लिमिट का कितना इस्तेमाल करता है। इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट लिमिट 1 लाख रुपये है। अगर आप बार-बार इस लिमिट का 80-90 फीसदी तक इस्तेमाल करते हैं तो क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर चुकने के बावजूद आपको नुकसान हो सकता है।
ज्यादा यूटिलाइजेशन रेशियो का मतलब कर्ज पर निर्भरता
एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी यूजर का ज्यादा क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल करने का मतलब बैंक यह निकालते हैं कि यूजर कर्ज के पैसे पर काफी ज्यादा निर्भर है। क्रेडिट स्कोर के लिए जो मॉडल बनाया गया है, उसमें संतुलित इस्तेमाल को बेहतर माना गया है। अगर यूजर अपने क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में संतुलन बनाए रखता है यानी उसका यूटिलाइजेशन रेशियो लिमिट से काफी कम रहता है तो यह माना जाता है कि उसका अपने खर्च पर नियंत्रण है। क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो 30-40 फीसदी पार करते ही इसका असर क्रेडिट स्कोर पर पड़ने लगता है।
समय पर बिल पेमेंट के बावजूद गिर सकता है क्रेडिट स्कोर
कई क्रेडिट कार्ड यूजर यह समझते हैं कि वे हर महीने समय पर पूरा बिल चुकाते हैं, जिससे उनका क्रेडिट प्रोफाइल बेस्ट होगा। उन्हें यह नहीं पता कि बैंक यूजर्स के बैलेंस की जानकारी तय तारीख को क्रेडिट ब्यूरो को भेजते हैं। अक्सर यह स्टेटमेंट डेट को भेजा जाता है। अगर स्टेटमेंट डेट में आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन ज्यादा है तो यह रिपोर्ट क्रेडिट ब्यूरो को चली जाती है। भले ही आप इसे पेमेंट की तय तारीख से पहले चुका देते हैं लेकिन आपके क्रेडिट स्कोर पर इसका असर पड़ चुका होता है।
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यूटिलाइजेशन 30 फीसदी से नीचे रखने की करें कोशिश
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप अपने क्रेडिट स्कोर पर किसी तरह का निगेटिव असर नहीं चाहते हैं तो आपको अपने यूटिलाइजेशन रेशियो को 30 फीसदी से नीचे रखना चाहिए। अगर किसी वजह से आपको क्रेडिट कार्ड से ज्यादा अमाउंट का पेमेंट करना पड़ता है तो आप स्टेटमेंट डेट से पहले थोड़ा पेमेंट कर सकते हैं। इससे आपको थोड़ी मदद मिल सकती है। एक दूसरा रास्ता यह है कि आप बैंक से कार्ड की लिमिट बढ़ाने को कह सकते हैं।
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