Silver Investment Strategy: चांदी में निवेश करना चाहते हैं? जानिए सैमको सिक्योरिटीज के अपूर्व सेठ की क्या है राय

Silver Investment Strategy: सैमको सिक्योरिटीज के अपूर्व सेठ का कहना है कि इनलेस्टर्स को स्पेकुलेशन की जगह ऐलोकेशन पर फोकस करना होगा। उन फैक्टर्स पर नजर रखना होगा, जिनका असर चांदी की कीमतों पर पड़ता है। इनमें यूएस डॉलर, रियल यील्ड्स और ईटीएफ फ्लो शामिल हैं

अपडेटेड Feb 25, 2026 पर 4:13 PM
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सिल्वर में 30 जनवरी, 2026 को बड़ी गिरावट आई। एक दिन में यह 26 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गई।

Silver Investment Strategy: सिल्वर में ब्रेकआउट का अनुमान कुछ एनालिस्ट्स ने जताया था। उनमें सैमको सिक्योरिटीज के अपूर्व सेठ शामिल थे। वह सैमको सिक्योरिटीज में मार्केट पर्सपेक्टिव एंड रिसर्च के हेड हैं। उन्होंने टेक्निकल कम्प्रेशन, रिलेटिव अंडरवैल्यूएशन के संकेत दिए थे। सीएनबीसी-टीवी18 को दिए इंटरव्यू में उन्होंने सिल्वर के बारे में कई अहम बातें बताईं। उन्होंने बताया कि सिल्वर कई महीनों तक 21-26 डॉलर प्रति औंस के दायरे में बनी रही थी। इसमें उसके ऑल-टाइम हाई से करीब 50 फीसदी नीचे ट्रेडिंग हो रही थी। सिल्वर-टू-गोल्ड रेशियो भी एतिहासिक लो लेवल पर था। यह इस बात का संकेत था कि गोल्ड के मुकाबले चांदी सस्ती है।

ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद बड़ी गिरावट

उन्होंने कहा कि अमेरिकी में इंटरेस्ट रेट में कमी, डॉलर में नरमी और बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड से भी चांदी को सपोर्ट मिलता दिख रहा था। पहले चांदी 78,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंची। बाद में इसने एक लाख रुपये प्रति किलोग्राम का लेवल पार किया। उसके बाद इसने ऑल-टाइम हाई बनाया। उसके बाद इसमें 30 जनवरी, 2026 को बड़ी गिरावट आई। एक दिन में यह 26 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गई। 1980 के बाद बीते 46 सालों में यह दूसरी सबसे बड़ी गिरावट थी।


चांदी में बड़ा उतार-चढ़ाव पहले भी होता रहा है

सेठ ने कहा कि चांदी में बहुत ज्यादा तेजी और बहुत ज्यादा गिरावट पहले भी आती रही है। अप्रैल 2024 में जब कॉमेक्स पर सिल्वर 21-26 डॉलर प्रति औंस के बीच था तब उनकी टीम ने इसके 50 डॉलर प्रति औंस तक जाने का अनुमान जताया था। बढ़ते औद्योगिक इस्तेमाल और सप्लाई को लेकर दिक्कतों को देखते हुए इसमें तेजी के संकेत दिख रहे थे। उनका कहना है कि जब कीमतें ऑल-टाइम हाई से काफी नीचे आ चुकी हैं तो निवेशकों को जल्दबाजी की जगह इसमें अनुशासित तरीके से निवेश करना चाहिए।

इनवेस्टर्स को तीन बातों का रखना होगा ध्यान

उन्होंने कहा कि निवेशकों को तीन बड़े सिद्धांत पर ध्यान देने की जरूरत है। मौका चूक जाने के डर (FOMO) से बाहर निकलना होगा। स्पेकुलेशन की जगह ऐलोकेशन पर फोकस करना होगा। आखिर में उन फैक्टर्स पर नजर रखना होगा, जिनका असर चांदी की कीमतों पर पड़ता है। इनमें यूएस डॉलर, रियल यील्ड्स और ईटीएफ फ्लो शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब डॉलर में कमजोरी आती हैं और लिक्विडिटी पर दबाव नहीं होता है तो चांदी की कीमतों में तेजी आती है।

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पोर्टफोलियो में 5-15 फीसदी हिस्सेदारी

सेठ ने कहा कि इनवेस्टर्स रिस्क लेने की अपनी कपैसिटी को देखते हुए सिल्वर में 5-15 फीसदी निवेश कर सकते हैं। निवेशकों को यह समझना होगा कि सिल्वर में उतार-चढ़ाव होता रहता है। उन्होंने कहा, "आज मौका चांदी के पीछे भागने का नहीं है बल्कि स्ट्रक्चरल साइकिल में अनुशासन के साथ पार्टिसिपेट करने का है।" चांदी में तेजी की संभावना दिख रही है। लेकिन, बीच-बीच में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

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