Credit Card: क्रेडिट कार्ड के 'रिवॉर्ड पॉइंट्स' खोलेंगे आपकी विदेश यात्रा की राह, बस अपनाएं ये 5 स्मार्ट तरीके

Credit Card Rewards: आप अपने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स को एयर माइल्स और होटल लॉयल्टी प्रोग्राम में बदलकर अपनी अगली यात्रा को सस्ता या मुफ्त बना सकते हैं। इसमें को-ब्रांडेड कार्ड्स के सही इस्तेमाल और पॉइंट्स की एक्सपायरी पर नजर रखने जैसी स्मार्ट रणनीतियों के जरिए अधिकतम लाभ पाने के तरीके साझा किए गए हैं।

अपडेटेड Mar 29, 2026 पर 2:46 PM
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आज के दौर में क्रेडिट कार्ड सिर्फ उधारी का साधन नहीं, बल्कि स्मार्ट सेविंग्स का एक बेहतरीन जरिया बन चुका है। अक्सर हम खरीदारी तो करते हैं, लेकिन कार्ड में जमा होने वाले 'रिवॉर्ड पॉइंट्स' को एक्सपायर होने के लिए छोड़ देते हैं। अगर आप सही रणनीति अपनाएं, तो इन्ही पॉइंट्स की मदद से आप अपनी अगली छुट्टियों में फ्लाइट टिकट और होटल स्टे का खर्च शून्य (Zero) कर सकते हैं।

आइए जानते हैं कि कैसे आप अपने मामूली से दिखने वाले पॉइंट्स को एक लग्जरी वेकेशन में बदल सकते हैं।

1. रिवॉर्ड पॉइंट्स को एयर माइल्स में बदलें

ज्यादातर बैंक एयरलाइंस के साथ पार्टनरशिप करते हैं। अपने रिवॉर्ड पॉइंट्स को सीधे बैंक पोर्टल पर भुनाने के बजाय, उन्हें एयरलाइंस के 'फ्रीक्वेंट फ्लायर प्रोग्राम' (जैसे- InterMiles या Club Vistara) में ट्रांसफर करें। कई बार 1 रिवॉर्ड पॉइंट की वैल्यू एयर माइल्स में बदलने पर दोगुनी हो जाती है, जिससे महंगी इंटरनेशनल फ्लाइट्स भी सस्ती या फ्री मिल सकती हैं।


2. होटल लॉयल्टी प्रोग्राम का फायदा

फ्लाइट के बाद सबसे बड़ा खर्च होटल का होता है। मैरियट बॉनवॉय (Marriott Bonvoy) या हिल्टन जैसे बड़े होटल नेटवर्क्स के साथ अपने पॉइंट्स को लिंक करें। कई बार प्रीमियम क्रेडिट कार्ड्स आपको सीधे इन होटल्स में फ्री स्टे या रूम अपग्रेड की सुविधा देते हैं। ट्रैवल सीजन से पहले बैंक अक्सर 'बोनस ट्रांसफर' ऑफर निकालते हैं, जहाँ आपको पॉइंट्स ट्रांसफर करने पर 20-30% अतिरिक्त पॉइंट्स मिलते हैं।

3. को-ब्रांडेड कार्ड्स का इस्तेमाल

अगर आप किसी खास एयरलाइन या ट्रैवल पोर्टल (जैसे MakeMyTrip) का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो उनके 'को-ब्रांडेड' क्रेडिट कार्ड का उपयोग करें। इन कार्ड्स पर ट्रैवल कैटेगरी में खर्च करने पर सामान्य कार्ड के मुकाबले 5 गुना ज्यादा रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलते हैं। इससे आपके पॉइंट्स जल्दी जमा होते हैं और रिडेम्पशन वैल्यू भी बेहतर मिलती है।

4. रिवॉर्ड चार्ट और एक्सपायरी पर नजर

स्मार्ट ट्रैवलर वही है जो अपने पॉइंट्स की 'एक्सपायरी डेट' जानता हो। कई बैंक 2 साल बाद पॉइंट्स लैप्स कर देते हैं। इसके अलावा, हमेशा बैंक के 'रिवॉर्ड चार्ट' को चेक करें। कभी-कभी कैशबैक के मुकाबले ट्रैवल वाउचर्स पर पॉइंट्स की वैल्यू ज्यादा होती है। उदाहरण के लिए, अगर 1 पॉइंट = 0.25 पैसे कैशबैक है, तो ट्रैवल पोर्टल पर वही 1 पॉइंट = 0.50 पैसे या ₹1 तक हो सकता है।

5. बिल पेमेंट और यूटिलिटी में सावधानी

सिर्फ खरीदारी ही नहीं, बल्कि बिजली बिल, इंश्योरेंस प्रीमियम और रेंट पेमेंट पर भी पॉइंट्स मिलते हैं। हालांकि, अब कई बैंकों ने इन पर लिमिट लगा दी है, इसलिए अपने कार्ड की टर्म्स एंड कंडीशंस पढ़ें और उन्हीं माध्यमों से खर्च करें जहाँ रिवॉर्ड रेट सबसे अधिक हो।

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अगर अनुशासन और जानकारी के साथ किया जाए, तो यह आपकी जीवनशैली को अपग्रेड कर सकता है। तो अगली बार स्वाइप करने से पहले सोचें कि यह ट्रांजेक्शन आपको आपकी मंजिल के कितने करीब ले जा रहा है। अपनी अगली ट्रिप की प्लानिंग आज से ही शुरू करें और अपने बैंक के रिवॉर्ड कैटलॉग को खंगालना न भूलें!

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