New India Co-operative Bank : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर गंभीर प्रतिबंध लगाए हैं, जिसमें छह महीने के लिए बैंक से पैसे निकालने पर रोक लगाई गई है। बैंक के ग्राहक अपना पैसा भी नहीं निकाल सकते। यही नहीं RBI ने इस बैंक पर नए लोन देने, पैसा जमा करने, एफडी आदि पर भी रोक लगा दी है। RBI ने कहा कि मुंबई में स्थित इस सहकारी बैंक को अब नए लोन देने, निवेश करने या पैसे उधार लेने की अनुमति नहीं है। यह कदम बैंक की वित्तीय स्थिति और सुपरवाइजरी चिंताओं को देखते हुए उठाया गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के खिलाफ कार्रवाई बैंक कर्मचारियों द्वारा पैसों की हेराफेरी के आरोपों के कारण की गई है। मुंबई स्थित इस बैंक के 1.3 लाख जमाकर्ताओं में से 90 प्रतिशत से अधिक के खातों में पांच लाख रुपये तक जमा हैं। ऐसे में इन जमाकर्ताओं को जमा बीमा के तहत अपना पूरा पैसा मिल सकेगा। आरबीआई ने जमाकर्ताओं द्वारा पैसे की निकासी पर रोक भी शामिल है। रिजर्व बैंक के ये निर्देश छह महीने के लिए लागू रहेंगे।
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के खिलाफ कार्रवाई के बाद इस बैंक के ग्राहकों को बिलों का भुगतान और कर्ज की EMI को लेकर चिंता होने लगी है। एक ग्राहक सीमा वाघमारे ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पैसे जमा किए थे, लेकिन अब उन्हें बताया गया कि तीन महीने के अंदर उन्हें पैसा मिलेगा। वह अपनी EMI को लेकर परेशान हैं। एक और ग्राहक भानुमति ने कहा, "बैंक ने हमें कुछ नहीं बताया... मैं पिछले 32-35 सालों से इस बैंक में खाता रखता हूं और मैंने FD भी खोलने का सोचा था।"
हालांकि, RBI ने बैंक को कुछ शर्तों के साथ मौजूदा जमाराशियों के खिलाफ लोन देने की अनुमति दी है। इसके अलावा, बैंक को कर्मचारियों की सैलरी और अन्य जरूरी खर्चों के लिए पैसे खर्च करने की भी अनुमति है, ताकि बैंक का काम बिना ज्यादा रुकावट के चलता रहे। आरबीआई इस बैंक की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा और यदि जरूरत पड़ी, तो इन निर्देशों में बदलाव भी कर सकता है। फिलहाल, ये पाबंदियां 13 फरवरी 2025 से अगले छह महीनों तक लागू रहेंगी। इस दौरान बैंक और उसके ग्राहकों की स्थिति कैसी रहती है, यह पूरी तरह से आरबीआई की समीक्षा और बैंक की वित्तीय स्थिति पर निर्भर करेगा।