DA Hike: जनवरी से सिर्फ 2% बढ़ेगा महंगाई भत्ता, जानिए 8वें वेतन आयोग की सैलरी पर क्यों होगा सीधा असर

DA Hike: जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता सिर्फ 2% बढ़कर 60% होगा। यह 7वें वेतन आयोग के बाद पहली DA बढ़ोतरी है। धीमी DA रफ्तार का सीधा असर 8वें वेतन आयोग की सैलरी और फिटमेंट फैक्टर पर पड़ेगा। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 3:11 PM
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केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए होली से पहले राहत की खबर आ सकती है।

DA Hike: 8वें वेतन आयोग के दौर की शुरुआत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए ज्यादा खुशखबरी लेकर आती नहीं दिख रही है। ताजा महंगाई के आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि जनवरी-जून 2026 के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) सिर्फ 2% बढ़ेगी। इसके बाद DA/DR की दर 58% से बढ़कर करीब 60% हो जाएगी।

इस बढ़ोतरी को मार्च 2026 के पहले या दूसरे हफ्ते केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है। यानी होली से ठीक पहले। खास बात यह है कि यह 7वें वेतन आयोग की अवधि खत्म होने (31 दिसंबर 2025) के बाद की पहली DA बढ़ोतरी होगी।

CPI-IW आंकड़ों ने 2% DA बढ़ोतरी पर मुहर लगाई


लेबर ब्यूरो द्वारा जारी दिसंबर 2025 के CPI-IW आंकड़े इस अनुमान की पुष्टि करते हैं। दिसंबर में ऑल-इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स 148.2 अंक पर स्थिर रहा। इसके साथ ही जनवरी 2026 के लिए DA की गणना पूरी तरह फाइनल हो गई है।

जुलाई से दिसंबर 2025 के 12 महीने के औसत CPI-IW के आधार पर DA 60.34% निकलता है। परंपरा के मुताबिक सरकार दशमलव हटा देती है और DA/DR को 60% पर फिक्स कर देती है। यानी 1 जनवरी 2026 से DA/DR 60% माना जाएगा।

इससे अगली DA बढ़ोतरी को लेकर चल रही सारी अटकलों पर विराम लग गया है, और साफ हो गया है कि बढ़ोतरी मामूली ही रहने वाली है।

सात साल से ज्यादा समय में सबसे कम DA बढ़ोतरी

2% की DA बढ़ोतरी कोई आम बात नहीं है। इससे पहले इतनी कम बढ़ोतरी जुलाई 2018 और जनवरी 2025 में देखने को मिली थी। ऐसे में यह पिछले सात साल से ज्यादा समय में सबसे कम DA बढ़ोतरी मानी जा रही है, जबकि महंगाई अब भी पूरी तरह काबू में नहीं आई है।

जो कर्मचारी और पेंशनभोगी नए वेतन आयोग के दौर की शुरुआत में ज्यादा राहत की उम्मीद कर रहे थे, उनके लिए यह फैसला निराशाजनक साबित हो सकता है।

जनवरी 2026 की DA बढ़ोतरी क्यों है खास

यह DA बढ़ोतरी सिर्फ एक नियमित संशोधन नहीं है, बल्कि इसके लंबे समय तक असर पड़ सकते हैं, खासकर 8वें वेतन आयोग के संदर्भ में। 7वें वेतन आयोग की 10 साल की अवधि 31 दिसंबर 2025 को पूरी हो चुकी है। जनवरी 2026 से लागू DA बढ़ोतरी पहली बार इस दायरे से बाहर होगी, इसलिए इसे ट्रांजिशन फेज की बढ़ोतरी माना जा रहा है।

8वां वेतन आयोग अभी शुरुआती चरण में

हालांकि 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है, लेकिन इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस में लागू होने की तारीख तय नहीं की गई है। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने तक का समय मिला है। पुराने अनुभव बताते हैं कि इसके बाद भी सिफारिशों को लागू होने में 1 से 2 साल लग सकते हैं।

इसका मतलब है कि नई सैलरी और पेंशन में असली बढ़ोतरी 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में ही देखने को मिल सकती है।

फिटमेंट फैक्टर पर DA की धीमी रफ्तार का असर

यहीं से कर्मचारियों की चिंता और बढ़ जाती है। जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, उस समय का DA आमतौर पर बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाता है और DA फिर से शून्य से शुरू होता है। फिटमेंट फैक्टर, यानी वह गुणक जिससे नई सैलरी और पेंशन तय होती है, काफी हद तक उसी समय मौजूद DA पर निर्भर करता है।

अगर जनवरी 2026 में DA 60% से शुरू होकर आगे भी धीरे-धीरे बढ़ता है, तो 8वें वेतन आयोग के समय मर्ज होने वाला DA सीमित रह सकता है। यही वजह है कि अब न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर करीब 1.60 के आसपास रहने की बात कही जा रही है।

DA बढ़ोतरी तय करेगी आगे की सैलरी

जनवरी 2026, जुलाई 2026, जनवरी 2027 और जुलाई 2027 - इन चार DA बढ़ोतरी से यह तय होगा कि 8वें वेतन आयोग लागू होने पर कुल कितना DA बेसिक पे में मर्ज होगा। इसी वजह से, भले ही जनवरी 2026 की बढ़ोतरी सिर्फ 2% है, लेकिन इसका असर आने वाले सालों की सैलरी और पेंशन पर बेहद अहम होगा।

सीधे शब्दों में कहें तो DA की धीमी बढ़ोतरी का मतलब है कि भविष्य में सैलरी और पेंशन की बढ़ोतरी भी सीमित रह सकती है। DA में थोड़ा सा फर्क भी किसी कर्मचारी की पूरी सेवा अवधि और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन पर स्थायी असर डाल सकता है।

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