रोजाना सिर्फ 33 रुपये की बचत से बन जाएगा 19 लाख का फंड! म्यूचुअल फंड निवेश और SIP का पूरा गणित समझें

छोटे अमाउंट के निवेश से भी बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। आपके छोटे निवेश को बड़े फंड में बदलने के पीछे सबसे बड़ा रोल कंपाउंडिंग का होता है। कई लोग इस बारे में ठीक तरह से नहीं जानते हैं। जो लोग जानते हैं वे इसका फायदा उठाते हैं

अपडेटेड Jun 05, 2026 पर 3:34 PM
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश शुरू करने के लिए बड़े अमाउंट आने का इंतजार करना सबसे बड़ी गलती है।

कई लोग यह समझते हैं कि बड़ा फंड तैयार करने के लिए बड़े अमाउंट का निवेश जरूरी है। लेकिन, सच यह है कि छोटे अमाउंट के निवेश से भी बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। आपके छोटे निवेश को बड़े फंड में बदलने के पीछे सबसे बड़ा रोल कंपाउंडिंग का होता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

ऐसे करें निवेश की शुरुआत

सबसे पहले यह समझ लेना जरूरी है कि रोजाना सिर्फ 33 रुपये की सेविंग्स से 19 लाख का फंड तैयार हो सकता है। आपको सुनने में यह अजीब लग सकता है। लेकिन, कंपाउंडिंग का मैजिक इसे मुमकिन बनाता है। रोज 33 रुपये की सेविंग्स से महीने में 1000 रुपये जमा हो जाएंगे। इस पैसे को आपको म्यूचुअल फंड की इक्विटी फंड में निवेश करना होगा।


लंबे समय तक करें निवेश

जब आप म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए हर महीने ₹1,000 निवेश करते हैं, तो आपको न सिर्फ आपकी मूल राशि पर रिटर्न मिलता है, बल्कि रिटर्न के ऊपर भी रिटर्न मिलता है। अब आपको इस पैसे को बढ़ने का समय देना होगा। आप हर महीने 1000 रुपये का निवेश जितने लंबे समय तक करेंगे, आपके लिए उतना बड़ा फंड तैयार हो जाएगा। आप यह हर महीने 1000 रुपये का निवेश लंबी अवधि (15, 20 या 25 वर्ष) तक कर सकते हैं।

मार्केट वोलैटिलिटी से नुकसान नहीं

खास बात यह है कि लंबी अवधि के निवेश में मार्केट वोलैटिलिटी (Volatility) का रिस्क भी नहीं रहता है। हर महीने एक निश्चित तारीख पर निवेश करने से 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' (Rupee Cost Averaging) का लाभ मिलता है। जब बाजार गिरता है तो आपको म्यूचुअल फंड्स की अधिक यूनिट्स मिलती हैं, और जब बाजार चढ़ता है तो कम यूनिट्स एलॉट होती हैं। इससे लंबी अवधि में यूनिट्स की आपकी खरीद की लागत औसत हो जाती है।

यहां समझें पूरा कैलकुलेशन

दूसरी खास बात यह है कि महीने की शुरुआत में ही ₹1,000 की एसआईपी कटने से फिजूलखर्ची पर लगाम लगती है और नियमित बचत एक आदत बन जाती है। अगर कोई निवेशक हर महीने ₹1,000 की SIP करता है और उस पर औसतन 12% का वार्षिक रिटर्न मिलता है, तो समय के साथ उसकी वेल्थ कुछ इस तरह बढ़ सकती है:

15 वर्षों के लिए: कुल निवेश ₹1.8 लाख रुपये का होगा। यह निवेश 15 साल में बढ़कर लगभग ₹5 लाख हो सकता है।

25 वर्षों के लिए: कुल निवेश ₹3 लाख होगा, लेकिन कंपाउंडिंग के जादू से यह 25 साल में बढ़कर लगभग ₹19 लाख तक पहुंच सकता है।

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निवेश शुरू नहीं करना सबसे बड़ी गलती

ऊपर के उदाहरण से यह साफ हो जाता है कि बड़ा फंड तैयार करने के लिए बड़े अमाउंट का निवेश जरूरी नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर लोग इसलिए बड़ा फंड तैयार नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें कंपाउंडिंग के मैजिक के बारे में पता नहीं होता। जो लोग इस मैजिक के बारे में जानते हैं, वे जल्द निवेश करना शुरू कर देते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश शुरू करने के लिए बड़े अमाउंट आने का इंतजार करना सबसे बड़ी गलती है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

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