कई बार हमें काफी देर से पता चलता है कि हम कर्ज के जाल में फंस चुके हैं। ग्रॉसरी की बढ़ती कीमतें, पढ़ाई का ज्यादा खर्च और मेडिकल बिल परिवारों के बजट को बिगाड़ देते हैं। पैसे की जरूरत पूरी करने के लिए हम पर्सनल लोन लेते हैं। बाद में लोन की किस्त बोझ बन जाती है। तब हमें पता चलता है कि हम कर्ज के जाल में फंस चुके हैं।
