दिल्ली में किराये पर घर देना पहले जैसा आसान नहीं होगा। सरकार ने मकान मालिकों के लिए गाइडलाइन जारी की है। दिल्ली में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और गृह मंत्री अमित शाह की हाई-लेवल बैठक के बाद दिल्ली पुलिस ने मकान मालिकों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। खासतौर पर यह निर्देश उन प्रॉपर्टी ऑनर्स के लिए है जो विदेशी नागरिकों को किराए पर मकान देते हैं। दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि इन नियमों का पालन न करने पर मकान मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
24 घंटे के अंदर मकानमालिकों को देनी होगी ये जानकारी
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार मकान मालिकों को 24 घंटे के अंदर विदेशी नागरिकों के आने की जानकारी विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को देनी होगी। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों के अनुपालन को तय करने के लिए उठाया गया है। इसके अलावा, मकान मालिकों को अपने विदेशी नागरिक किरायेदारों का पूरा ब्योरा स्थानीय पुलिस थाने में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के लिए जमा कराना होगा। साथ ही, एक ‘फॉर्म B’ रजिस्टर मेंटेन करना होगा, जिसे जरूरत पड़ने पर पुलिस अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के लिए प्रस्तुत किया जा सके।
गाइडलाइन का पालन न करने पर होगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि कई मकान मालिक अब तक विदेशी मेहमानों के ठहरने की सूचना FRRO को देने में असफल रहे हैं। विदेशी अधिनियम, विदेशी (संशोधन) आदेश, 2016 और विदेशी (संशोधन) नियम, 2016 के तहत यह सूचना 24 घंटे के भीतर देना अनिवार्य है। हाल के महीनों में दिल्ली में कई आपराधिक मामलों में विदेशी नागरिकों की संलिप्तता सामने आई है, खासकर ड्रग तस्करी के मामलों में। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने गाइडलाइन का पालन न करने पर मकान मालिकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
फॉर्म C में भरनी होगी जानकारी
दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मकान मालिकों को अपने विदेशी किरायेदारों की सभी जानकारी फॉर्म C में भरकर जमा करनी होगी। यह जानकारी ऑनलाइन या एफआरआरओ ऑफिस में जाकर ऑफलाइन भी जमा की जा सकती है।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन नियमों का पालन हर मकान मालिक के लिए अनिवार्य है। मकान मालिकों को चाहिए कि वे अपने किरायेदारों की पूरी जानकारी समय पर संबंधित विभागों को दें, ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को रोका जा सके। गाइडलाइन का पालन न करने पर मकान मालिकों को कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।