Demat Account: अगर आप भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं, जो आपको लिए एक जरूरी खबर है। हममें से ज्यादातर निवेशक बस पैसा निवेश कर देते हैं लेकिन इससे जुड़े जरूरी कामों के बारे में भूल जाते हैं। अपने किसी भी तरह के निवेश में नॉमिनी बनाना सबसे ज्यादा जरूरी है। ताकि, किसी भी तरह की इमरजेंसी के समय आपका निवेश सही व्यक्ति के पास जा सके। सेबी ने डीमैट अकाउंट होल्डर्स को 30 जून 2024 तक नॉमिनी फाइल करने के लिए कहा है।
अभी इतने निवेशकों ने फाइल किया है नॉमिनी
हाल में सेबी के कंसल्टेशन लेटर पत्र से पता चला है कि सिंगल होल्डिंग वाले 13.6 करोड़ डीमैट खातों में से 9.8 करोड़ (72.5%) खातों में नॉमिनी की जानकारी नहीं है। अब इस एक चूक का आपके निकटतम संबंधियों पर गंभीर असर इमरजेंसी के समय देखने को मिल सकता है। चौंकाने वाली बात यह है कि 69.73% या 9.51 करोड़ खाताधारकों ने जानबूझकर किसी को नॉमिनी नहीं करने का विकल्प चुना है। यानी, उन्होंने जानबूझकर नॉमिनी से बाहर होने का विकल्प चुना है। जबकि, आपके जाने के बाद आपका पैसा सही हाथ में जाए उसके लिए जरूरी है कि आप नॉमिनी फाइल करें।
सेबी के इस कदम का कारण निवेशकों को उनकी एसेट्स को सुरक्षित करने और उन्हें उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को देने में मदद करना है। बाजार नियामक सेबी ने यह भी बताया है कि नॉमिनी फाइल करने का आदेश नए और मौजूदा निवेशकों दोनों पर ही लागू होता है। सेबी के नियम के तहत नए निवेशकों को ट्रेडिंग और डीमैट खाते खोलते समय या तो अपनी सिक्योरिटीज का नॉमिनी बनाना होगा या औपचारिक रूप से एक डिक्लेरेशन फॉर्म के जरिये नॉमिनेशन से बाहर निकलना होगा। यानी, आप इस डिक्लेरेशन फॉर्म के जरिये ये बताएंगे कि आप किसी को भी नॉमिनी नहीं बनाना चाहते।
सेबी कई बार बढ़ा चुका है डेडलाइन
सेबी ने शुरुआत में खाताधारकों के लिए लाभार्थियों को नॉमिनी करने या औपचारिक रूप से बाहर निकलने के लिए 31 मार्च 2023 की समय सीमा तय की थी। नियामक ने संकेत दिया था कि ऐसा न करने पर अकाउंट इनएक्टिव कर दिया जाएगा। बाद में समय सीमा को दो बार बढ़ाया गया, पिछली बार इसे 31 दिसंबर 2023 तक बढ़ाया गया था। चेतावनी और समय सीमा के विस्तार के बावजूद, निवेशक अभी भी नॉमिनी नहीं फाइल कर रहे हैं।