महिला को पासपोर्ट के लिए अपने पति की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। मद्रास हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि पत्नी को पति की संपत्ति समझने वाली मानसिकता को खत्म करने की जरूरत है। दरअसल, महिला की पासपोर्ट एप्लिकेशन को इस वजह से रिजेक्ट कर दिया गया था क्योंकि उसमें पति के साइन नहीं थे। कोर्ट ने पासपोर्ट ऑफिस की इस मांग को हैरान करने वाला बताया और कहा कि यह सोच अब भी महिलाओं को पति की संपत्ति समझने वाली मानसिकता को दर्शाती है।
