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वाइफ को पासपोर्ट बनवाने के लिए नहीं चाहिए पति का साइन! हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

महिला को पासपोर्ट के लिए अपने पति की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। मद्रास हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि पत्नी को पति की संपत्ति समझने वाली मानसिकता को खत्म करने की जरूरत है। दरअसल, महिला की पासपोर्ट एप्लिकेशन को इस वजह से रिजेक्ट कर दिया गया था क्योंकि उसमें पति के साइन नहीं थे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 25, 2025 पर 6:54 PM
वाइफ को पासपोर्ट बनवाने के लिए नहीं चाहिए पति का साइन! हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
महिला को पासपोर्ट के लिए अपने पति की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।

महिला को पासपोर्ट के लिए अपने पति की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। मद्रास हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि पत्नी को पति की संपत्ति समझने वाली मानसिकता को खत्म करने की जरूरत है। दरअसल, महिला की पासपोर्ट एप्लिकेशन को इस वजह से रिजेक्ट कर दिया गया था क्योंकि उसमें पति के साइन नहीं थे। कोर्ट ने पासपोर्ट ऑफिस की इस मांग को हैरान करने वाला बताया और कहा कि यह सोच अब भी महिलाओं को पति की संपत्ति समझने वाली मानसिकता को दर्शाती है।

क्या था मामला?

यह मामला एक विवाहित महिला से जुड़ा है, जो अपने पति से तलाक के केस में फंसी हुई है। महिला ने अप्रैल 2025 में पासपोर्ट के लिए एप्लिकेशन किया था, लेकिन पासपोर्ट ऑफिस ने एप्लिकेशन के प्रोसेस को इसलिए नहीं बढ़ाया क्योंकि उसमें पति का साइन नहीं था। जब महिला ने उन्हें बताया कि तलाक का केस कोर्ट में पेंडिंग है, तब भी पासपोर्ट ऑफिस ने कहा कि पति का सिग्नेचर होना जरूरी है। इसके बाद महिला ने विदेश मंत्रालय, पासपोर्ट ऑफिस और चेन्नई पुलिस के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

मद्रास हाईकोर्ट ने क्या कहा?

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