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Diwali 2022: चांदी खरीदना चाहते हैं, जानिए ज्वेलर कैसे कैलकुलेट करते हैं प्राइस

आपको चांदी के सिक्के या ज्वेलरी खरीदते वक्त पहले ज्वेलर से कुछ बाते पूछ लेनी चाहिए। जैसे चांदी का रेट क्या है, क्या उस पर हॉलमार्क है, उसकी प्योरिटी कितनी है? साथ ही ज्वेलर्स से आपको रसीद भी लेनी चाहिए

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 21, 2022 पर 3:03 PM
Diwali 2022: चांदी खरीदना चाहते हैं, जानिए ज्वेलर कैसे कैलकुलेट करते हैं प्राइस
कुछ ज्वेलर सिल्वर ज्वेलरी पर मेकिंग चार्ज नहीं लेते हैं। कुछ ज्वेलर इसे अलग से जोड़ते हैं। इसलिए आपके लिए पहले ही ज्वेलर से इस बारे में पूछ लेना ठीक रहेगा।

धनतेरस और दिवाली पर इंडिया में सोना-चांदी खरीदने का चलन रहा है। इसे शुभ माना जाता है। सोना बहुत महंगा होने से कई लोग इस मौके पर चांदी खरीदते हैं। वे चांदी के सिक्के या ज्वेलरी खरीदते हैं। अगर आप इस बार चांदी खरीदने वाले हैं तो आपके लिए यह जान लेना जरूरी है कि ज्वेलर्स इसकी कीमतों का कैलकुलेशन कैसे करते हैं।

आपको चांदी के सिक्के या ज्वेलरी खरीदते वक्त पहले ज्वेलर से कुछ बाते पूछ लेनी चाहिए। जैसे चांदी का रेट क्या है, क्या उस पर हॉलमार्क है, उसकी प्योरिटी कितनी है? साथ ही ज्वेलर्स से आपको रसीद भी लेनी चाहिए। आम तौर पर ज्वेलर चांदी की ज्वेलरी या कॉइन की जो कीमत आपसे वसूलता है, उसमें चांदी की कीमत, मेकिंग चार्ज, हॉलमार्क चार्ज (अगर है तो) और जीएसटी शामिल होता है।

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एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी की ज्वेलरी की कीमत कैलकुलेट करने के लिए ज्वेलर प्रति ग्राम चांदी का रेट, ज्वेलरी का वजन और उसकी प्यूरिटी को ध्यान में रखता है। इसका फार्मूला यह है: प्रति ग्राम चादी का रेटXचांदी का वजनXचांदी की शुद्धता। इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है।

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