Income Tax Rule Change: देश में 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागू हो चुका है। इस नए कानून के आने के बाद से असेसमेंट ईयर (AY) की जगह टैक्स ईयर (TY) व्यवस्था ने ले ली है। इस बड़े बदलाव के बाद देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स के मन में एक बड़ा कंफ्यूजन पैदा हो गया है कि क्या उन्हें फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में हुई कमाई के लिए दो अलग-अलग इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक AY 2026-27 और दूसरा TY 2026-27 के लिए दाखिल करने होंगे?
टैक्सपेयर्स की इसी उलझन को दूर करने के लिए आयकर विभाग ने अपनी गाइडलाइन बुक 'कर सेतु' (Kar Setu) में स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। विभाग ने साफ कहा है कि किसी भी टैक्सपेयर को दो रिटर्न दाखिल करने की जरूरत नहीं है।
दो ITR पर आयकर विभाग ने क्या कहा?
इनकम टैक्स विभाग ने 'कर सेतु' डॉक्यूमेंट में साफ शब्दों में जवाब दिया, 'नहीं, टैक्सपेयर्स को दो ITR फाइल करने की कोई आवश्यकता नहीं है। टैक्स ईयर 2026-27 के लिए रिटर्न दाखिल करने की जिम्मेदारी उस टैक्स ईयर के खत्म होने के बाद ही शुरू होगी, जो कि बिल्कुल इनकम टैक्स एक्ट 1961 की पुरानी व्यवस्था जैसा ही है।'
3 पॉइंट्स में समझें पूरा गणित
1. FY 2025-26 की कमाई का ITR पुरानी व्यवस्था के तहत
1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच कमाए गए पैसे पर टैक्सपेयर्स को मौजूदा पुरानी व्यवस्था के तहत ही रिटर्न फाइल करना होगा। इसे असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 माना जाएगा। आपकी केटेगरी के हिसाब से इसकी अंतिम तारीख 31 जुलाई, 31 अगस्त, 31 अक्टूबर या 30 नवंबर 2026 होगी।
2. FY 2026-27 की कमाई का ITR नए कानून के तहत
1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच होने वाली कमाई के लिए रिटर्न नए टैक्स ईयर (TY) 2026-27 के फ्रेमवर्क के तहत भरा जाएगा। इस रिटर्न को आपको साल 2026 में नहीं, बल्कि साल 2027 में दाखिल करना होगा। इसके लिए आपकी केटेगरी के अनुसार 31 जुलाई, 31 अगस्त, 31 अक्टूबर और 30 नवंबर 2027 की तारीखें लागू होंगी।
सरकार टैक्स ईयर 2026-27 के लिए नए ITR फॉर्म और जरूरी दिशा-निर्देश तय समय से काफी पहले ही नोटिफाई (जारी) कर देगी।
FY 2025-26 के रिटर्न पर कौन सा एक्ट लागू होगा?
टैक्सपेयर्स के लिए यह जानना भी जरूरी है कि भले ही वे अपना ITR 1 अप्रैल 2026 के बाद यानी नए एक्ट के लागू होने के बाद फाइल करेंगे, लेकिन चूंकि यह कमाई 1 अप्रैल 2026 से पहले की अवधि से संबंधित है, इसलिए यह पूरी तरह से पुराने आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत ही संचालित और दाखिल किया जाएगा।