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सावधान! इनवेस्टमेंट से जुड़ी इन गलत धारणाओं पर क्या आप भी भरोसा करते हैं? हो सकता है बड़ा नुकसान

गलत धारणाओं की वजह से लोग निवेश पर शानदार रिटर्न कमाने के मौके चूक जाते हैं। इसका असर उनके फाइनेंशियल हेल्थ (Financial Health) पर पड़ता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 04, 2022 पर 5:40 PM
सावधान! इनवेस्टमेंट से जुड़ी इन गलत धारणाओं पर क्या आप भी भरोसा करते हैं? हो सकता है बड़ा नुकसान
यंग इनवेस्टर्स खासकर 20 साल के ज्यादा उम्र के निवेशकों को लगता है कि जब तक उनके पास खूब पैसे नहीं जमा हो जाए, उन्हें निवेश शुरू नहीं करना चाहिए। इस वजह से वे इनवेस्टमेंट शुरू करने के लिए पैसा इकट्ठा होने का इंतजार करते हैं। ऐसा वक्त कभी नहीं आता।

इनवेस्टमेंट और पैसे-रुपये से जुड़ी कई ऐसी धारणाएं हैं जो लोगों के दिमाग में लंबे समय से बैठी हैं। दरअसल लोगों में वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) का अभाव है। इन गलत धारणाओं की वजह से लोग निवेश पर शानदार रिटर्न कमाने के मौके चूक जाते हैं। इसका असर उनके फाइनेंशियल हेल्थ (Financial Health) पर पड़ता है। हम आपको कुछ ऐसी ही धारणाओं के बारे में बता रहे हैं।

कम NAV वाले म्यूचुअल फंड्स सस्ते होते हैं

इंडिया में 1990 के दशक में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के विस्तार के वक्त से ही एनएवी को लेकर कई लोग गलत तरीके से सोचते हैं। उन्हें लगता है कि म्यूचुअल फंड की जिस स्कीम की एनएवी कम होती है, वह सस्ती होती है। कई बार एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के डिस्ट्रिब्यूटर्स न्यू फंड ऑफर को बेचने के लिए इस दलील का इस्तेमाल करते हैं। आपके लिए यह जान लेना जरूरी है कि एनएवी कम या ज्यादा होने और किसी स्कीम के सस्ती होने के बीच कोई संबंध नहीं है। किसी स्कीम की एनएवी कई बातों पर निर्भर करती है।

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