Cibil Score: सिबिल स्कोर 700 के नीचे फिसलने पर आपकी जेब पर भारी पड़ता है? यह मामूली बदलाव... जानिए पूरी डिटेल

Cibil Score: क्रेडिट स्कोर का 700 से नीचे गिरना आपको बैंकों की 'लो-रिस्क' श्रेणी से बाहर कर देता है, जिससे भविष्य में लोन और क्रेडिट कार्ड मिलना न केवल कठिन हो जाता है बल्कि ब्याज दरें भी काफी महंगी हो जाती हैं। विशेष रूप से होम लोन और प्रीमियम क्रेडिट कार्ड के मामलों में आपकी मोलभाव करने की शक्ति (Negotiating Power) कम हो जाती है और बैंक आपके प्रोफाइल की अधिक बारीकी से जांच करने लगते हैं।

अपडेटेड Apr 11, 2026 पर 5:05 PM
Story continues below Advertisement

आमतौर पर हम अपने क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) को तब तक गंभीरता से नहीं लेते जब तक कि हमें किसी बड़े लोन की जरूरत न पड़े। अक्सर लोग मानते हैं कि अगर स्कोर 700 के थोड़ा नीचे चला गया, तो कोई आसमान नहीं टूट पड़ेगा। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि 700 का यह आंकड़ा एक ऐसी "लक्ष्मण रेखा" है, जिसे पार करते ही बैंकों का आपके प्रति नज़रिया पूरी तरह बदल जाता है।

पर्दे के पीछे क्या बदलता है?

जब आपका स्कोर 700 से नीचे गिरता है, तो रातों-रात कुछ भी नाटकीय नहीं होता। आपके पास मौजूद क्रेडिट कार्ड चलते रहते हैं और मौजूदा लोन की ईएमआई (EMI) भी वैसी ही रहती है। लेकिन असली खेल तब शुरू होता है जब आप किसी नई क्रेडिट सुविधा के लिए आवेदन करते हैं। बैंक आपको एक 'कम जोखिम वाले' ग्राहक की श्रेणी से हटाकर 'मध्यम जोखिम वाले' वर्ग में डाल देते हैं।

कर्ज का महंगा सौदा


सबसे बड़ा प्रहार आपकी जेब पर ब्याज दरों के रूप में होता है। 750 से ऊपर स्कोर वाले व्यक्ति को बैंक सबसे कम ब्याज दर पर लोन देते हैं। जैसे ही आप 700 के नीचे आते हैं, बैंक आपसे 'रिस्क प्रीमियम' वसूलना शुरू कर देते हैं। इसका मतलब है कि आपको मिलने वाला पर्सनल लोन या कार लोन दूसरों के मुकाबले 2% से 5% तक महंगा हो सकता है। दिखने में यह मामूली लग सकता है, लेकिन 5 से 10 साल की अवधि में यह लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ बन जाता है।

होम लोन और क्रेडिट कार्ड पर असर

1. मोलभाव की शक्ति का कम होना: होम लोन के मामले में बैंक 750+ स्कोर वाले ग्राहकों को 'प्राइम कस्टमर' मानते हैं। 700 से नीचे होने पर न केवल ब्याज दरें बढ़ती हैं, बल्कि बैंक आपसे अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग भी कर सकते हैं।

2. प्रीमियम कार्ड्स से दूरी: अगर आप रिवॉर्ड पॉइंट्स और एयर माइल्स वाले प्रीमियम क्रेडिट कार्ड के शौकीन हैं, तो कम स्कोर आपकी राह में बाधा बन सकता है। बैंक आपको केवल बेसिक कार्ड ऑफर करेंगे और आपकी 'क्रेडिट लिमिट' बढ़ाने के अनुरोध को भी ठुकरा सकते हैं।

बैंक की पैनी नजर

700 से नीचे का स्कोर बैंकों के लिए एक चेतावनी की तरह है। वे आपकी पिछली पेमेंट हिस्ट्री को खंगालना शुरू कर देते हैं। यदि स्कोर गिरने का कारण आपकी लापरवाही या देरी से भुगतान है, तो बैंक भविष्य में आपको बड़ी राशि का लोन देने में कतराने लगते हैं। क्रेडिट स्कोर का 700 से नीचे जाना कोई वित्तीय अंत नहीं है, लेकिन यह संभल जाने का इशारा जरूर है। समय पर भुगतान करके और अपने क्रेडिट यूटिलाइजेशन को कम रखकर आप वापस सुरक्षित जोन में आ सकते हैं, ताकि भविष्य में आपको अपनी ही ज़रूरतों के लिए "महंगा" समझौता न करना पड़े।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।