EPF: नौकरी बदलने पर पैसे निकालने की जगह ईपीएफ अकाउंट को ट्रांसफर कराएं, रिटायरमेंट पर मिलेगा बड़े फंड का तोहफा

प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों की रिटायरमेंट प्लानिंग में ईपीएफ का बड़ा रोल होता है। लेकिन, कई लोग नौकरी बदलने पर ईपीएफ का पैसा निकाल लेते हैं। इससे वे लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार करने का मौका चूक जाते हैं

अपडेटेड Aug 26, 2025 पर 3:31 PM
Story continues below Advertisement
नौकरी बदलने के छह महीने के अंदर ईपीएफ को ट्रांसफर कराने का प्रोसस शुरू कर देना चाहिए।

प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों की रिटायरमेंट प्लानिंग में एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) का बड़ा रोल है। एंप्लॉयीज ईपीएफ में निवेश में अनुशासन बरतता है। हर महीने उसकी बेसिक सैलरी (प्लस डीए)का 12 फीसदी ईपीएफ अकाउंट में जाता है। एंप्लॉयर भी एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में हर महीने इतना (बेसिक सैलरी का 12 फीसदी) कंट्रिब्यूट करता है। ईपीएफ का इंटरेस्ट रेट काफी अट्रैक्टिव है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए यह 8.25 फीसदी है। हर बार नौकरी बदलने पर एंप्लॉयी अगर ईपीएफ अकाउंट को नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर करता है इसमें रिटायरमेंट तक कंट्रिब्यूशन जारी रखता है तो रिटायर होने पर उसके लिए काफी अच्छा फंड तैयार हो सकता है।

पैसे निकालने से लंबी अवधि में बड़ा नुकसान

एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई एंप्लॉयीज नौकरी बदलने पर EPF से पैसे निकाल लेते हैं। इससे उन्हें काफी नुकसान होता है। वे मैजिक ऑफ कंपाउंडिंग का फायदा उठाने से चूक जाते हैं। अगर कोई एंप्लॉयी नौकरी बदलता है तो उसे अपने ईपीएफ अकाउंट को नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर कराना चाहिए। EPFO अकाउंट ट्रांसफर की प्रक्रिया को लगातार आसान बनाने की कोशिश कर रहा है। उसका फोकस प्रोसेस को डिजिटल बनाने पर है। इससे एंप्लॉयीज को ईपीएफओ ऑफिस का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रह गई है।


ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर सर्विस हिस्ट्री को मॉनिटर करें

अगर आपने नौकरी बदली है या बदलने जा रहे हैं तो आपको ईपीएफ ट्रांसफर कराने का प्रोसेस समझ लेना जरूरी है। अगर आपने सितंबर 2014 के बाद नौकरी शुरू की है तो बेसिक सैलरी 15,000 रुपये से कम होने पर ही ईपीएस की सुविधा मिलेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एंप्लॉयीज को हर महीने की अपनी सैलरी स्लिप संभाल कर रखना चाहिए। इससे बेसिक सैलरी सहित पूरे सैलरी स्ट्रक्चर की जानकारी तुरंत मिल जाती है। एंप्लॉयीज ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर भी अपनी सर्विस हिस्ट्री को मॉनिटर कर सकते हैं।

नौकरी बदलने के छह महीने के अंदर ट्रांसफर का प्रोसेस शुरू कर दें

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नौकरी बदलने के छह महीने के अंदर ईपीएफ को ट्रांसफर कराने का प्रोसस शुरू कर देना चाहिए। इससे ट्रांसफर में दिक्कत आने की संभावना कम रहती है। ईपीएफओ वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन अकाउंट ट्रांसफर का रिक्वेस्ट किया जा सकता है। आपको वेबसाइट पर अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड से लॉग-इन करना होगा। उसके बाद 'ऑनलाइन सर्विसेज' सेक्शन में आपको 'वन मेंबर-वन ईपीएफ अकाउंट (ट्रांसफर रिक्वेस्ट)' सेलेक्ट करना होगा।

यह भी पढ़ें: Bajaj Allianz के ग्राहकों को 15000 हॉस्पिटल्स में कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी, 1 सितंबर से लागू

ऑनलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट फाइल करने की सुविधा

पर्सनल इंफॉर्मेशन को वेरिफाय करने के बाद आपको पुराने और नए एंप्लॉयर्स का डिटेल डालना होगा। आप क्लेम अटेस्टेशन के लिए पुराने और नए एंप्लॉयर में से किसी को सेलेक्ट कर सकते हैं। इसके बाद आपको 'गेट ओटीपी' पर क्लिक करना होगा। ओटीपी डालने के बाद आपको सब्मिट पर क्लिक करना होगा। आपको एक ट्रैकिंग आईडी और पीएफ अकाउंट इंफॉर्मेशन मिलेगा। इसके बाद आपको फॉर्म 13 को प्रिंट करने के बाद उस पर हस्ताक्षर करना होगा। फिर 10 दिन के अंदर इसे अपने एंप्लॉयर को सब्मिट कर देना होगा। एंप्लॉयर और ईपीएफओ के आपके ट्रांसफर रिक्वेस्ट को एप्रूव कर देने के बाद आपको एसएमएस से इसकी जानकारी मिल जाएगी। दो से तीन हफ्तों के अंदर आपका ईपीएफ अकाउंट ट्रांसफर हो जाएगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।