Employees' Provident Fund: ईपीएफ के बारे में इन 5 बातों को लेकर लोग सबसे ज्यादा रहते हैं कनफ्यूज्ड

ईपीएफ के तहत एंप्लॉयी की सैलरी से हर महीने एक फिक्स्ड अमाउंट कट जाता है। यह पैसा ईपीएफ में जमा होता है। उतना ही पैसा हर महीने एंप्लॉयर एंप्लॉयीज के ईपीएफ में कंट्रिब्यूट करता है। इसके नियम और शर्तें स्पष्ट हैं

अपडेटेड Mar 31, 2026 पर 6:02 PM
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प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोग ईपीएफओ के तहत आते हैं।

प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों की रिटायरमेंट प्लानिंग में एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) का बड़ा रोल है। एंप्लॉयी की सैलरी से हर महीने एक फिक्स्ड अमाउंट कट जाता है। यह पैसा ईपीएफ में जमा होता है। उतना ही पैसा हर महीने एंप्लॉयर एंप्लॉयीज के ईपीएफ में कंट्रिब्यूट करता है। इसके नियम और शर्तें स्पष्ट हैं। इसके बावजूद कई एंप्लॉयीज कई नियमों को लेकर कनफ्यूज्ड रहते हैं। आइए कुछ खास कनफ्यूजन की चर्चा करते हैं।

1. ईपीएफ के लिए रिटायरमेंट उम्र 60 साल है

यह सच नहीं है। ईपीएफ के तहत ऑफिशियल रिटायरमेंट उम्र 58 है। कस्टोडियन लाइफ के फाउंडर कुणाल काबरा ने कहा, "ईपीएफ के नियम के तहत 58 ऑफिशियल रिटायरमेंट एज है। आपके रिटायर करते ही कंट्रिब्यूशंस रुक जाता है।" इसका मतलब है कि ईपीएफ का कंट्रिब्यूशन 58 साल के बाद नहीं होता है भले ही एंप्लॉयीज काम करना जारी रखता है। कई लोग यह समझते हैं कि ईपीएफ में रिटायरमेंट की उम्र 60 होती है।

2. रिटायर होते ही ईपीएफ में इंटरेस्ट बंद हो जाता है


सच यह है कि रिटायरमेंट के बाद भी ईपीएफ में जमा पैसे पर इंटरेस्ट मिलता रहता है। लेकिन, इंटरेस्ट एक निश्चित अवधि तक ही मिलता है। काबर ने कहा कि अगर कोई एंप्लॉयी 58 साल की उम्र में रिटायर करता है तो ईपीएफ में जमा पैसे पर अगले तीन साल तक इंटरेस्ट मिलता रहता है। इसका मतलब है कि 61 साल की उम्र तक इंटरेस्ट मिलता रहता है।

3. पहले रिटायरमेंट पर भी इंटरेस्ट 3 साल तक मिलता है

सच यह है कि पहले रिटायर करने की स्थिति में 3 साल फिक्स्ड इंटरेस्ट का पीरियड लागू नहीं होता। यह रिटायरमेंट के समय एंप्लॉयी की उम्र पर निर्भर करता है। अगर एंप्लॉयी 58 से पहले रिटायर होता है तो इंटरेस्ट डिफाइंड एज लिमिट तक मिलना जारी रहता है न कि तीन साल के विंडो तक। उदाहरण के लिए अगर आप 45 की उम्र में रिटायर करते हैं तो आपको 58 तक इंटरेस्ट मिलेगा। आप 57 में रिटायर करते हैं तो 60 साल तक इंटरेस्ट मिलेगा।

4. जॉब गैप होने पर ईपीएफ अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है

ईपीएफए के नियम के मुताबिक नॉन-कंट्रिब्यूटरी पीरियड का मतलब उस एक्चुअल सर्विस से है जब मेंबर्स की तरफ से एंप्लॉयीज पेंशन फंड में किसी तरह का कंट्रिब्यूशन नहीं किया गया है। इसकी वजह नौकरी छूटना, नौकरी बदलना या नौकरी में रहना लेकिन ईपीएफ कंट्रिब्यूशन की सुविधा नहीं होना हो सकता है। ऐसे पीरियड को ईपीएस के तहत पेशनेबल सर्विस नहीं माना जाता है। ईपीएफ अकाउंट इनऑपरेटिव तभी होता है जब कंट्रिब्यूशन तीन साल तक नहीं किया जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि अकाउंट बंद हो जाता है।

5. ईपीएफ पेंशन रिटायरमेंट के बाद मिलना शुरू होता है

ईपीएश के तहत पेंशन 58 साल के होने पर शुरू हो जाती है और इसका पेमेंट हर महीने तब तक होती है, जब तक व्यक्ति जीवित रहता है। इसका असर व्यक्ति के वर्किंग स्टेटस पर नहीं पड़ता है। काबरा ने कहा, "मेंबर के 58 के होने पर ईपीएस पेंशन शुरू हो जाती है। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि वह काम करता है या नहीं करता है।"

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