अगर आप प्राइवेट नौकरी करते हैं तो एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) में आपकी सैलरी से हर महीने पैसा कंट्रिब्यूट होता होगा। आपका एंप्लॉयर भी हर महीने आपके ईपीएफ अकाउंट में बराबर कंट्रिब्यूशन करता है। रिटायरमेंट पर आपके ईपीएफ में जमा पैसा आपको एकमुश्त मिल जाता है। सवाल है कि अगर आपने रिटायरमेंट से पहले नौकरी छोड़ दी या नौकरी बदल ली तो आपके ईपीएफ में जमा पैसे का क्या होगा?
EPF का पूरा पैसा क्या रिटायरमेंट पर मिल जाता है?
EPFO के नियमों के मुताबिक, 58 या 60 साल की उम्र में एंप्लॉयी के रिटायर करने पर उसे ईपीएफ में जमा पूरा पैसा एकमुश्त मिल जाता है। अगर नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद भी एंप्लॉयी बेरोजगार रहता है तो वह अपना पैसा पूरा निकाल सकता है। अगर एंप्लॉयी नौकरी बदलता है तो यूएएन (UAN) फिर से एक्टिव होने पर वह अपने पिछले एंप्लॉयर के अपने पीएफ बैलेंस को नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर करा सकता है।
नौकरी छूटने पर ईपीएफ से कितना पैसा निकाला जा सकता है?
एंप्लॉयी अगर नौकरी या हमेशा के लिए विदेश सेटल हो जाता है तो वह ईपीएफ में जमा अपना पूरा पैसा निकाल सकता है भले ही उसकी उम्र 58 साल से कम हो। अगर कोई एंप्लॉयी नौकरी छोड़ देता है तो एक महीने बाद वह अपने ईपीएफ अकाउंट में जमा 75 फीसदी पैसा निकाल सकता है। बाकी पैसा उसके ईपीएफ अकाउंट में बना रहता है। अगर एंप्लॉयी नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद तक बेरोजगार रहता है तो वह बाकी पैसा पैसा भी निकाल सकता है। इस नियम का मकसद नौकरी जाने पर एंप्लॉयी को आर्थिक सहूलियत देना है।
ईपीएफ से पैसे निकालने पर क्या टैक्स चुकाना पड़ता है?
ईपीएफ से पैसे निकालने पर आपको टैक्स देना होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि लगातार एंप्लॉयी ने कितने साल तक नौकरी की है। अगर एंप्लॉयीज लगातार पांच साल तक नौकरी करने से पहले ईपीएफ अकाउंट से पैसे निकालता है तो उसे चैक्स चुकाना होगा। अगर निकाला गया पैसा एक सीमा से ज्यादा है तो टीडीएस भी लागू होगा।
EPF का मकसद क्या रिटायरमेंट फंड तैयार करना है?
एंप्लॉयी ने अगर लगातार पांच साल से ज्यादा समय तक नौकरी की है और अपने पीएफ को हर बार नौकरी बदलने पर नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर कराया है तो पीएफ से निकाले गए पैसे पर टैक्स नहीं लगता है। ईपीएफओ नहीं चाहता कि एंप्लॉयीज अपना पैसा जल्द विड्रॉल करे। इसकी वजह यह है कि ईपीएफ का मकसद रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करना है।
EPS में जमा पैसा निकालने का नियम क्या है?
अगर एंप्लॉयी ने एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) में कम से कम 10 साल के लिए कंट्रिब्यूट किया है तो वह पेंशन फंड में जमा पैसे को एकमुश्त नहीं निकाल सकता। 58 या 60 साल की उम्र में रिटायर करने पर वह पेंशन का हकदार हो जाता है। उसके ईपीएस अकाउंट में जमा पैसे से उसे पेंशन मिलता है। एंप्लॉयी का ईपीएस में कंट्रिब्यूशन अगर 10 साल से कम है और वह नौकरी छोड़ता है तो ईपीएस अकाउंट में जमा पैसा निकाल सकता है। ईपीएफओ के ईपीएफ अकाउंट और ईपीएस अकाउंट के नियम अलग-अलग हैं।