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EPFO: डियर ईपीएफओ, कहां है मेरा इंटरेस्ट?

फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए ईपीएफओ के ट्रस्टी बोर्ड ने 8.5 फीसदी इंटरेस्ट रेट के बारे में फैसला लिया। यह फैसला मार्च 2021 में लिया गया। इसे अक्टूबर 2021 में एक सर्कुलर के जरिए नोटिफाय कर दिया गया। लेकिन, इंटरेस्ट सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में दिसंबर 2021 में आया

Translated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Oct 08, 2022 पर 10:39 PM
EPFO: डियर ईपीएफओ, कहां है मेरा इंटरेस्ट?
इंडिया की इकोनॉमी डिजिटल हो रही है, जिसमें फिनटेक का बड़ा हाथ है। ऐसे में ईपीएफओ को अपने कामकाज के तरीकों, इनवेस्टमेंट और प्रोसेसेज को आधुनिक बनाने की जरूरत है।

Mukul Asher

EPFO का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) साल 2021 में 15.7 लाख करोड़ रुपये था। यह 2019-20 में इंडिया की 203.3 लाख करोड़ रुयये की GDP का 7.7 फीसदी था। ईपीएफओ के 6.9 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। यह 7.1 करोड़ लोगों को पेंशन देता है।

इंडिया की इकोनॉमी डिजिटल हो रही है, जिसमें फिनटेक का बड़ा हाथ है। ऐसे में ईपीएफओ को अपने कामकाज के तरीकों, इनवेस्टमेंट और प्रोसेसेज को आधुनिक बनाने की जरूरत है। इससे यह ज्यादा उम्र के अपने सब्सक्राइबर्स की अच्छी तरह से मदद कर पाएगा। साथ ही एंप्लॉयीज के बीच इसकी प्रासंगिकता बनी रहेगी।

United Nations के अनुमान के मुताबिक, इंडिया में 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या 2050 तक 25.6 करोड़ तक पहुंच जाएगी। साल 2000 में यह 4.8 करोड़ थी। लंबे समय से ईपीएफओ के ट्रस्टी बोर्ड के इंटरेस्ट रेट के बारे में फैसला लेने और सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में पैसा आने में काफी देर हो जाती है। ऐसा पिछले कई सालों से हो रहा है।

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