EPFO: क्या आप किसी पुराने ईपीएफ अकाउंट की डिटेल भूल गए हैं? ईपीएफओ का नया सर्विस हिस्ट्री फीचर करेगा मदद

ईपीएफओ ने एक नई सुविधा शुरू की है। EPFO 2.01 की इस सुविधा का नाम सर्विस हिस्ट्री फीचर है। इस फीचर के जरिए एंप्लॉयी अपनी सर्विस हिस्ट्री और प्रोविडेंट फंड रिकॉर्ड्स का देख सकता है। इसके लिए पीएफ अकाउंट का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक होना जरूरी है

अपडेटेड Jul 11, 2026 पर 1:39 PM
ईपीएफओ की ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए यूएएन जरूरी है।

प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोग करियर में नौकरी बदलते रहते हैं। कई बार तो कुछ महीनों के बाद ही वे नई कंपनी ज्वाइन कर लेते हैं। हर बार नौकरी बदलने पर सर्विस हिस्ट्री बदलती है। एंप्लॉयी को अपना ईपीएफ अकाउंट भी नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर कराना पड़ता है। कई बार एंप्लॉयी अकाउंट ट्रांसफर कराना भूल जाता है। नए एप्लॉयर के यहां उसका नया ईपीएफ शुरू हो जाता है। ईपीएफओ 2.01 में एक नया फीचर आया है, जो एंप्लॉयी के प्रोविडेंट फंड रिकॉर्ड की कंसॉलिडेटेड जानकारी देता है।

पूरी सर्विस हिस्ट्री एंप्लॉयर को एक जगह मिलेगी

EPFO 2.01 की सुविधा का नाम सर्विस हिस्ट्री फीचर है। इस फीचर के जरिए एंप्लॉयी अपनी सर्विस हिस्ट्री और प्रोविडेंट फंड रिकॉर्ड्स का देख सकता है। उसे इसकी पूरी जानकारी एक जगह मिल जाएगी। लेकिन, इसके लिए आपके पीएफ अकाउंट का आपके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक होना जरूरी है। इसका मतलब है कि आप 2014 से लेकर अब तक की अपनी एंप्लॉयमेंट हिस्ट्री और उसके रिकॉर्ड देख सकेंगे। इसकी वजह यह है कि यूएएन की शुरुआत 2014 में हुई थी।


UAN से जुड़े सभी ईपीएफ अकाउंट दायरे में आएंगे

यूएएन 12 डिजिट का एक यूनिक आईडी है। ईपीएफओ अपने हर मेंबर को एक यूएएन एलॉट करता है। आपके नौकरी बदलने पर आपका एंप्लॉयर बदल जाता है। नए एंप्लॉयर के यहां आपका ईपीएफ शुरू हो जाता है। लेकिन, आपका यूएएन कभी नहीं बदलता है। हर एंप्लॉयर के यहां ईपीएफ अकाउंट के साथ यह यूएएन नंबर जुड़ा रहता है। ईपीएफओ की ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी यूएएन जरूरी है।

सब्सक्राइबर को क्लेम फाइल करने में होगी आसानी 

ईपीएफओ का नया सर्विस हिस्ट्री फीचर मेंबर (एंप्लॉयीज) को उसके करियर में पहले के एंप्लॉयर्स, सर्विस पीरियड और प्रोविडेंट फंड रिकॉर्ड की जानकारी हासिल करने में मदद करता है। इससे मेंबर को क्लेम फाइल करने या अपनी संभावित पेंशन के बारे में जानकारी हासिल करना आसान हो जाता है। ईपीएफओ ने इससे पहले ऐसी सर्विस शुरू की है, जिसमें एंप्लॉयी के नौकरी बदलने पर अपने ईपीएफ अकाउंट को नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उसका अकाउंट अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा।

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ईपीएफओ के मेंबर पोर्टल पर मिलगी यह सुविधा

ईपीएफओ के नए सर्विस हिस्ट्री फीचर में एंप्लॉयी को अपने मौजूदा एंप्लॉयर के साथ ही पहले के सभी एंप्लॉयर्स की जानकारी मिलती है। यहां तक हर एंप्लॉयर के यहां नौकरी शुरू करने और नौकरी छोड़ने की तारीख की भी जानकारी मिलती है। एंप्लॉयी अपने ईपीएफ और ईपीएस की मेंबरशिप हिस्ट्री भी देख सकता है। इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आपको ईपीएफओ के यूनिफायड मेंबर पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा।

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