प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोग करियर में नौकरी बदलते रहते हैं। कई बार तो कुछ महीनों के बाद ही वे नई कंपनी ज्वाइन कर लेते हैं। हर बार नौकरी बदलने पर सर्विस हिस्ट्री बदलती है। एंप्लॉयी को अपना ईपीएफ अकाउंट भी नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर कराना पड़ता है। कई बार एंप्लॉयी अकाउंट ट्रांसफर कराना भूल जाता है। नए एप्लॉयर के यहां उसका नया ईपीएफ शुरू हो जाता है। ईपीएफओ 2.01 में एक नया फीचर आया है, जो एंप्लॉयी के प्रोविडेंट फंड रिकॉर्ड की कंसॉलिडेटेड जानकारी देता है।
