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EPFO New Rule 2026: ईपीएफओ ने बदला नियम, क्या अब नौकरीपेशा लोगों की सैलरी बढ़ेगी? CTC पर कितना असर, पूरा कैलकुलेशन जानिए

EPFO New Rule 2026 Salary Calculation: अब कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पीएफ योगदान को अधिकतम 1800 रुपये प्रति माह पर सीमित कर दिया गया है। अगर किसी कर्मचारी को इससे अधिक पीएफ जमा करना है तो ये पूरी तरह से वॉलेंट्री होगा। इस नई 'कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026' से देश के करीब 8 करोड़ सक्रिय ईपीएफओ ग्राहकों पर सीधा असर पड़ने वाला है

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 02, 2026 पर 12:20 PM
EPFO New Rule 2026: ईपीएफओ ने बदला नियम, क्या अब नौकरीपेशा लोगों की सैलरी बढ़ेगी? CTC पर कितना असर, पूरा कैलकुलेशन जानिए
जो कर्मचारी अपने रिटायरमेंट के लिए बड़ी बचत करना चाहते हैं, उनके लिए रास्ते बंद नहीं हुए हैं

EPFO New Rule 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने प्रोविडेंट फंड अंशदान के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। अब कर्मचारियों के लिए अनिवार्य पीएफ योगदान को अधिकतम 1800 रुपये प्रति माह पर सीमित कर दिया गया है। अगर किसी कर्मचारी को इससे अधिक पीएफ जमा करना है तो ये पूरी तरह से वॉलेंट्री होगा। इस नई 'कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026' से देश के करीब 8 करोड़ सक्रिय ईपीएफओ (EPFO) ग्राहकों पर सीधा असर पड़ने वाला है। आइए जानते हैं कि इस नए नियम का आपकी टेक-होम सैलरी, पीएफ कटौती और सीटीसी पर क्या असर पड़ेगा।

क्या है नया नियम और कैसे तय हुई 1800 रुपये की सीमा?

नए नियम के मुताबिक अब कर्मचारियों को 15000 रुपये प्रति माह की वैधानिक वेतन सीमा तक ही अपने वेतन का 12 प्रतिशत योगदान देना अनिवार्य होगा। इसके बाद अब पीएफ का गणित कुछ ऐसा बन रहा है। यानी 15000 रुपये (अधिकतम वैधानिक वेतन सीमा) का 12 फीसदी करें तो ये 1800 रुपये प्रति माह आता है। इस कैलकुलेशन के तहत अब देश के किसी भी नौकरीपेशा कर्मचारी के वेतन से अनिवार्य पीएफ कटौती हर महीने अधिकतम 1800 रुपये ही होगी, चाहे उसकी कुल कमाई कितनी भी क्यों न हो।

समझिए आपकी सैलरी पर इसका क्या असर होगा?

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