EPFO: नॉमिनी आम तौर पर जीवन बीमा पॉलिसियों, बैंक अकांउट, म्यूचुअल फंड, भविष्य निधि और अन्य निवेश के ऑप्शन पर देना जरूरी होता है। नॉमिनी होने से आपकी मृत्यु के बाद आपकी संपत्ति और निवेश आपके चुने हुए लाभार्थी को मिल जाती है। ईपीएफओ यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में भी नॉमिनी का नाम देना अनिवार्य है। ईपीएफओ श्रम और रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के तहत एक वैधानिक निकाय है, जो भारत में संगठित क्षेत्र में कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि, पेंशन और बीमा योजनाओं को मैनेज करने का काम करता है।
नॉमिनी बनाना क्यों है जरूरी?
ईपीएफ योजना के तहत एक कर्मचारी और नियोक्ता पीएफ खाते में कर्मचारी के बेसिक वेतन का एक निश्चित प्रतिशत का योगदान करता है। पीएफ खाते में जमा किये पैसे का पेमेंट कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय या कर्मचारी की मृत्यु की समय दिया जाता है। ईपीएफओ में नॉमिनी का नाम देने की कोई भी अंतिम तिथि नहीं है। आप कभी भी नॉमिनी का नाम फाइल कर सकते हैं। ई-नॉमिनेशन एडवांस क्लेम के लिए भी जरूरी है।
ईपीएफ खाते में ऑनलाइन नया नामांकन जोड़ने के लिए करना होगा ये काम
1. यूएएन ईपीएफओ वेबसाइट पर लॉग इन करें।
2. मेन्यू से 'मैनेज' और 'ई-नॉमिनेशन' चुनें।
3. फैमिली डिक्लेरेशन में 'हां' का चुनाव करें। अपनी एप्लिकेशन में परिवार के सदस्य का नाम नॉमिनी में जोड़ें।
4. अपना पता, बैंक डिटेल्स, जिसमें बैंक का IFSC कोड और नॉमिनी अकाउंट डिटेल्स, आधार नंबर, जन्मतिथि आदि की जानकारी देनी होगी।
5. अगर आप एक से ज्यादा नॉमिनी जोड़ना चाहते हैं तो एड रो करके जानकारी भरकर सेव फैमिली डेटा पर क्लिक कर दें।
6. उसके बाद सेव ईपीएफ नॉमिनेशन पर क्लिक कर दें और सबमिट कर दें।
7 अब OTP जेनरेट करने के लिए ई-साइन को चुनें।
8. आपके फोन नंबर जो आधार के साथ रजिस्टर होगा, उस पर ओटीपी आएगा। फिर आपके ईपीएफ पर नॉमिनी एड हो जाएगा।