PF Transfer Process Online: नौकरी बदलते समय पीएफ (Provident Fund) खाते का ट्रांसफर अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने PF ट्रांसफर प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। जिससे सदस्यों के लिए पीएफ से पैसा निकालना पहले से ज्यादा सुविधाजनक होगा। EPFO के ये नए कदम सर्विस को बेहतर बनाने, शिकायतों को कम करने और दावों के ऑटो-सेटलमेंट को आसान बनाने में मदद करेंगे। नौकरी बदलते समय अब पीएफ ट्रांसफर में देरी और झंझट दोनों से काफी हद तक राहत मिलेगी।
पहले पीएफ ट्रांसफर के लिए सोर्स ऑफिस यानी जहां से पीएफ ट्रांसफर हो रहा है और डेस्टिनेशन ऑफिस यानी जहां पीएफ ट्रांसफर होना है दोनों की मंजूरी जरूरी होती थी। अब नए बदलाव के तहत ज्यादातर मामलों में डेस्टिनेशन ऑफिस की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। नई सॉफ्टवेयर सर्विस के तहत सोर्स ऑफिस के ट्रांसफर क्लेम अप्रूव होते ही रकम अपने आप नए अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगी। इससे ट्रांसफर प्रोसेस तेज होगा और EPFO सदस्यों के लिए काम पहले से आसान होगा।
टैक्स कैलकुलेशन में भी सुधार
नई व्यवस्था के जरिए पीएफ जमा अमाउंट के टैक्सेबल और नॉन-टैक्सेबल हिस्से को साफ-साफ अलग किया जाएगा। इससे टीडीएस (TDS) का कैलकुलेशन सटीक होगी और किसी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सकेगा। इस बदलाव से हर साल करीब 1.25 करोड़ सदस्यों को फायदा होगा और लगभग 90,000 करोड़ रुपये के फंड ट्रांसफर को आसान बनाया जाएगा।
बिना आधार UAN जनरेशन की सुविधा
EPFO ने अब कुछ मामलों में आधार के बिना भी UAN (Universal Account Number) जनरेट करने की सुविधा दी है। इसमें ऐसे केस शामिल हैं जहां पीएफ ट्रस्ट या पुराने रिकवरी मामलों की बात हो रही है। नई सॉफ्टवेयर सुविधा से मेंबर आईडी और अन्य जानकारी के आधार पर बल्क में UAN बनाए जा सकेंगे। हालांकि, सुरक्षा के लिए ये UAN तब तक फ्रीज रहेंगे जब तक आधार नंबर लिंक नहीं कर दिया जाएगा।