पीएफ खाताधारकों को राहत देने के लिए सरकार एक अहम बदलाव करने जा रही है। केंद्र सरकार लगातार ईपीएफओ की सेवाओं को लोगों के लिए और ज्यादा आसान, डिजिटल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में अब देशभर में मौजूद ईपीएफओ (EPFO) दफ्तरों को अब सिंगल विंडो सर्विस सेंटर के रूप में तैयार किया जाएगा। इस बदलाव से PF खाताधारकों को बड़ी राहत मिलने वाली है। अभी तक किसी भी तरह की शिकायत या काम के लिए उन्हें अपने ही क्षेत्रीय कार्यालय जाना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पीएफ खाताधारकों को किसी एक तय दफ्तर तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा। वे देश के किसी भी ईपीएफओ कार्यालय में जाकर अपने EPF से जुड़े काम सरल और जल्दी तरीके से करा सकेंगे। इस बदलाव से EPF से जुड़े काम पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने की उम्मीद है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक, देश के सभी ईपीएफओ दफ्तरों को नए रूप में तैयार किया जाएगा। इन दफ्तरों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तरह सिंगल-विंडो सिस्टम पर काम करने वाला बनाया जाएगा, ताकि कर्मचारियों को अपनी PF से जुड़ी हर सेवा एक ही जगह पर मिल सके।
दिल्ली में शुरू हुआ ट्रायल
गुजरात के वटवा में नए 'भविष्य निधि भवन' के उद्घाटन मौके पर केंद्रीय मंत्री ने इस नई प्रणाली को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया, "इस व्यवस्था की पायलट शुरुआत दिल्ली से की जा चुकी है।। पहले नियम ये था कि किसी कर्मचारी को अपनी शिकायत या क्लेम के लिए उसी क्षेत्रीय ईपीएफओ दफ्तर जाना पड़ता था, जिससे उसका संस्थान जुड़ा होता था। इससे लोगों को काफी असुविधा होती थी। नई पहल में आधुनिक तकनीक की मदद से ईपीएफओ सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और आपस में जोड़ा जा रहा है। इसका फायदा ये होगा कि कोई भी व्यक्ति अपने शहर के पास मौजूद EPFO ऑफिस में जाकर PF से जुड़ा काम आसानी से करवा सकेगा।"
बंद पड़े अकाउंट को एक्टिव किया जाएगा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि, देश में कई EPF खाते लंबे समय से बंद पड़े हैं और उनका पैसा लोगों तक नहीं पहुंच पाया है। अब ईपीएफओ इन खातों को चालू करने के लिए मिशन मोड में KYC वेरीफिकेशन करेगा। इसके लिए एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जिससे खाताधारक या उनके वारिस आसानी से पहचान साबित कर अपना पैसा निकाल सकेंगे। भारत सरकार विदेश में काम करने वाले भारतीयों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत कर रही है। अब मुक्त व्यापार समझौतों में ऐसे नियम जोड़े जा रहे हैं, जिससे विदेश में किया गया PF योगदान सुरक्षित रहे। इससे भारत लौटने पर कर्मचारी अपनी जमा राशि और सुविधाओं का फायदा ले सकेंगे।
100 करोड़ लोगों को शामिल करना लक्ष्य
मनसुख मंडाविया ने आंकड़ों के आधार पर बताया कि 2014 से पहले देश में सिर्फ 19 फीसदी लोगों को सोशल सिक्योरिटी का लाभ मिल पाता था। अब ये आंकड़ा बढ़कर 64 फीसदी तक पहुंच गया है। आज करीब 94 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े हुए हैं। इस मामले में भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। मंत्री ने बताया कि, सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक 100 करोड़ लोगों को इसके तहत कवर किया जाए, जिससे ज्यादा लोगों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
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