EPFO: कर्मचारियों के भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही प्रॉविडेंट फंड पर मिलने वाली ब्याज दर तय करेगा। ईपीएफओ की 237वीं केंद्रीय न्यासी बोर्ड (Central Board of Trustee) की बैठक 28 फरवरी 2025 को होने जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया करेंगे। बैठक में नियोक्ता संगठनों, ट्रेड यूनियनों, केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी शामिल होंगे। यहां PF अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज तय किया जाएगा। कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि पीएफ पर मिलने वाला ब्याज बढ़े लेकिन ऐसी उम्मीद कम हैं।
PF ब्याज दर पर होगा मुख्य फैसला
हालांकि, बैठक के आधिकारिक एजेंडे की जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं किये गए हैं। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें मुख्य रूप से फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की ब्याज दर तय की जाएगी। एक्सपर्ट का मानना है कि यह दर पिछले साल की तरह 8.25% ही बनी रह सकती है।
EPF ब्याज दर का कर्मचारियों पर असर
EPFO एक्ट के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12% हिस्सा PF अकाउंट में जाता है। नियोक्ता भी इतने ही पैसे का योगदान करता है, जिसमें से 3.67% EPF में और 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है।
सेविंग और सेफ्टी – EPF एक सरकारी गारंटी वाली स्कीम है, जो कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के लिए सेविंग करने में मदद करती है।
टैक्स फ्री ब्याज – EPF पर मिलने वाला ब्याज कर-मुक्त (एक निर्धारित सीमा तक) होता है, जिससे यह एक आकर्षक निवेश विकल्प बनता है।
हाई इंटरेस्ट रेट और तय रिटर्न – EPF अन्य फिक्स्ड-इनकम योजनाओं की तुलना में बेहतर और स्थिर रिटर्न देता है।
इमरजेंसी फाइनेंशियल सपोर्ट - चिकित्सा आपातकाल, शिक्षा, या घर खरीदने जैसी जरूरतों के लिए PF से आंशिक निकासी की जा सकती है।
पिछले सालों में PF की ब्याज दरें
CBT हर साल वित्त मंत्रालय से परामर्श कर EPF की ब्याज दर तय करता है। EPFO की इस बैठक के बाद ब्याज दर को लेकर औपचारिक घोषणा की जाएगी। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी सेविंग पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ जाएगा। पिछले 15 सालों में में ब्याज दरें इस तरह रही हैं।