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EPS 2026 लागू होने के बाद क्या प्राइवेट सेक्टर के एंप्लॉयीज की पेंशन बढ़ जाएगी?

ईपीएस, 2026 में डिजिटल कंप्लायंस और ऑनलाइन प्रोसेसिंग पर जोर दिया गया है। इसका मतलब है कि एंप्लॉयर्स और सब्सक्राइबर्स पेंशन से संबंधित ज्यादातर प्रोसिजर ऑनलाइन कर सकेंगे। ईपीएफ और ईपीएस के कंट्रिब्यूशन में किसी तरह का फर्क नहीं आया है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jul 02, 2026 पर 7:05 PM
EPS 2026 लागू होने के बाद क्या प्राइवेट सेक्टर के एंप्लॉयीज की पेंशन बढ़ जाएगी?
ईपीएस, 2026 को सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत लागू किया गया है।

एंप्लॉयीज पेशन स्कीम (ईपीएस), 2026 लागू हो गई है। इसे ईपीएस,1971 और ईपीएस,1995 की जगह लागू किया गया है। ईपीएस, 2026 को सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत लागू किया गया है। नई स्कीम में पुरानी स्कीम के प्रावधान को बनाए रखा गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नई स्कीम में न्यूनतम पेंशन का अमाउंट बढ़ाया गया है।

न्यूनतम पेंशन का अमाउंट 1000 रुपये बना रहेगा

सरकार ने ईपीएस, 2026 में पेंशन का न्यूनतम अमाउंट नहीं बढ़ाया है। इसका मतलब है कि इसे प्रति माह 1,000 रुपये बनाए रखा गया है। पेंशन कैलकुलेशन के फॉर्मूला, एंप्लॉयी और एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन में भी बदलाव नहीं किया गया है। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों का ईपीएफ में कंट्रिब्यूशन के नियम पहले की तरह बने रहेंगे।

ईपीएस में एंप्लॉयर के कंट्रब्यूशन में कोई फर्क नहीं आया है

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